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कई लोग अपने सेकेंडरी नंबर, बैंकिंग या OTP वाले सिम को सिर्फ एक्टिव रखना चाहते हैं. ऐसे में बार-बार महंगे रिचार्ज कराने के बजाय सस्ता विकल्प तलाशना उनके लिए जरूरी हो जाता है.
सिम एक्टिव रखने के असली नियम क्या हैं

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टेलीकॉम कंपनियों के नियम के अनुसार, अगर किसी नंबर पर लंबे समय तक कोई गतिविधि नहीं होती जैसे कॉल, SMS या डेटा इस्तेमाल तो उसे इनएक्टिव माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में नंबर बंद भी हो सकता है या बाद में किसी और को जारी किया जा सकता है.
44 रुपये वाला हैक क्या है

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इस ट्रिक में दावा किया जा रहा है कि छोटा डेटा पैक लेकर थोड़ी देर इंटरनेट इस्तेमाल करने से सिम की एक्टिविटी दर्ज हो जाती है. इससे नंबर कुछ समय के लिए फिर से एक्टिव माना जाता है.
11 रुपये वाले प्लान का कैसे हो रहा इस्तेमाल

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कहा जा रहा है कि हर 90 दिन में करीब 11 रुपये का छोटा डेटा पैक रिचार्ज करके इंटरनेट इस्तेमाल किया जाए, जिससे सिम की वैधता फिर से बढ़ जाती है.
कैसे बनता है 44 रुपये में सालभर का खर्च

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अगर हर तीन महीने में 11 रुपये खर्च किए जाएं, तो पूरे साल में यह प्रक्रिया करीब चार बार करनी होगी. इस हिसाब से कुल खर्च लगभग 44 रुपये बैठता है.
क्या काम करता है ये तरीका

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हालांकि यह दावा सुनने में आसान लगता है, लेकिन यह पूरी तरह आधिकारिक या गारंटी वाला तरीका नहीं है. अलग-अलग टेलीकॉम नियमों और पॉलिसी के कारण यह हर यूजर के लिए काम करे, ऐसा जरूरी नहीं है.
सावधानी बरतना जरूरी

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अगर आप इस तरह के किसी भी हैक पर भरोसा करते हैं, तो पहले नियम और शर्तों को समझ लेना जरूरी है. बिना सही जानकारी के सिम बंद होने का खतरा बना रह सकता है.