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गर्मी का मौसम शुरू होते ही घरों में AC का इस्तेमाल बढ़ जाता है. लेकिन AC खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है क्या AC के साथ स्टेबलाइजर लगाना जरूरी है? इसका जवाब सीधा नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह आपकी मशीन और आपके इलाके की बिजली सप्लाई पर निर्भर करता है.
क्या हर AC के लिए स्टेबलाइजर जरूरी होता है?

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हर AC के लिए स्टेबलाइजर जरूरी नहीं होता. आजकल कई नए AC मॉडल्स ऐसे आते हैं जिनमें इन-बिल्ट स्टेबलाइजर दिया जाता है. ऐसे AC सामान्य वोल्टेज फ्लक्चुएशन को खुद ही संभाल लेते हैं, इसलिए अलग से स्टेबलाइजर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.
इन-बिल्ट स्टेबलाइजर वाले AC कैसे काम करते हैं?

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इन-बिल्ट स्टेबलाइजर वाले AC को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे एक तय वोल्टेज रेंज के भीतर बिना किसी दिक्कत के काम कर सकें. यानी अगर बिजली थोड़ी कम-ज्यादा भी होती है, तो AC पर उसका ज्यादा असर नहीं पड़ता.
किन परिस्थितियों में स्टेबलाइजर जरूरी हो जाता है?

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अगर आपके इलाके में बिजली का वोल्टेज बहुत ज्यादा घटता-बढ़ता है, तो इन-बिल्ट स्टेबलाइजर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता. बार-बार तेज फ्लक्चुएशन AC के कॉम्प्रेसर और दूसरे पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है.
स्टेबलाइजर लगाने के फायदे क्या हैं?

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अलग से स्टेबलाइजर लगाने से आपके AC को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है. यह अचानक हाई या लो वोल्टेज से मशीन को बचाता है और उसकी लाइफ भी बढ़ाता है. खासकर उन इलाकों में जहां बिजली की समस्या आम है, वहां यह काफी उपयोगी साबित होता है.
कब लगाएं स्टेबलाइजर?

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अगर आपका AC स्टेबलाइजर-फ्री है और आपके क्षेत्र में बिजली स्थिर रहती है, तो अलग से स्टेबलाइजर की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर वोल्टेज में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तो सुरक्षा के लिए स्टेबलाइजर जरूर लगाना बेहतर विकल्प है.