Emergency Alert System Test: किन मोबाइल पर नहीं मिलेगा ये इमरजेंसी अलर्ट, कैसे करेगा काम?
Emergency Alert System Test: देश में आज सुबह करीब 11:42 बजे देशभर में लाखों लोगों के स्मार्टफोन अचानक तेज बीप की आवाज के साथ बजने लगे. डिस्प्ले पर एक इमरजेंसी मैसेज फ्लैश हुआ, जिसने एक पल के लिए सबको चौंका दिया. दरअसल, यह केंद्र सरकार के 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' का टेस्ट था, जो भविष्य में भूकंप, बाढ़ या चक्रवात जैसी आपदाओं के समय यह तकनीक आपकी जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी.

कहां-कहां काम नहीं करेगा सिस्टम?
2 / 5अगर आपके फोन में बिल्कुल भी सिग्नल नहीं है तो यह काम नहीं करेगा. फोन बंद होने की स्थिति में अलर्ट नहीं मिलेगा. यदि फोन नेटवर्क से पूरी तरह कटा है, तो आप चेतावनी से वंचित रह सकते हैं. कुछ पुराने फीचर फोन या स्मार्टफोन जो इस तकनीक को सपोर्ट नहीं करते, उन पर यह मैसेज नहीं आएगा. यदि यूजर ने फोन की सेटिंग्स में जाकर 'इमरजेंसी अलर्ट' को मैनुअली डिसेबल (बंद) कर रखा है, तो भी मैसेज नहीं पहुंचेगा.
आपदा के समय ज्यादा कारगर कम्युनिकेशन टूल
3 / 5आने वाले समय में यह सर्विस आम लोगों के लिए नियमित तौर पर इस्तेमाल में लाई जाएगी. यानी आगे जब भी कोई बड़ी आपदा जैसे भूकंप, बाढ़, साइकलोन या कोई सिक्योरिटी थ्रेट का खतरा होगा, तो सरकार सीधे आपके फोन पर तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट भेज सकेगी. यही वजह है कि इसे आपदा के समय ज्यादा कारगर कम्युनिकेशन टूल माना जा रहा है.
बिना इंटरनेट और ऐप के मिलेगा अलर्ट
4 / 5इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए आपको न तो इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत है और न ही किसी खास ऐप की. यह तकनीक सीधे मोबाइल टावर के जरिए एक साथ पूरे इलाके में ब्रॉडकास्ट की जाती है. यह साधारण SMS की तरह नहीं है जो नेटवर्क जाम होने पर कतार में फंस जाए; यह सीधे टावर से पुश होता है, जिससे यह कमजोर नेटवर्क या कॉल ड्रॉप जैसी स्थिति में भी काम करता है.
बिना सिम के भी बजेगी चेतावनी?
5 / 5हैरान करने वाली बात यह है कि यह सिस्टम मोबाइल नंबर पर नहीं, बल्कि लोकेशन पर आधारित है. इसका मतलब है कि यदि आपका फोन ऑन है और किसी भी नेटवर्क के सिग्नल की रेंज में है, तो बिना सिम कार्ड के भी आपके फोन पर यह इमरजेंसी अलर्ट फ्लैश हो सकता है. इसे आप अपने इलाके का 'डिजिटल लाउडस्पीकर' समझ सकते हैं.
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