हैकर्स के निशाने पर Google Chrome यूजर्स, सरकार ने दी चेतावनी, जानें कैसे बचें
अगर आप Google Chrome इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने Chrome यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. जानिए किन यूजर्स पर सबसे ज्यादा खतरा है और तुरंत क्या करना चाहिए.

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Google Chrome इस्तेमाल करने वाले डेस्कटॉप यूजर्स के लिए नई चेतावनी जारी की है. एजेंसी के मुताबिक ब्राउजर में कुछ ऐसी खामियां मिली हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं. CERT-In ने बताया कि Chrome में मौजूद कई सिक्योरिटी कमजोरियों की मदद से कोई भी रिमोट अटैकर सिस्टम में मनमाना कोड चला सकता है. इसके जरिए संवेदनशील जानकारी चोरी की जा सकती है, सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास किया जा सकता है या फिर डिवाइस को क्रैश भी किया जा सकता है.
किन Android वर्जन पर असर?
2 / 7हालिया सिक्योरिटी अलर्ट Android 14, Android 15, Android 16 और 16-QPR2 वर्जन को प्रभावित करता है. इन कमजोरियों के जरिए हैकर्स डिवाइस में रिमोट कोड चला सकते हैं, जिससे यूजर्स के डेटा और डिवाइस सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
Chrome के कौन से वर्जन प्रभावित?
3 / 7CERT-In की रिपोर्ट CIVN-2026-0235 के मुताबिक Linux में Chrome के 148.0.7778.96 से पुराने वर्जन प्रभावित हैं. वहीं Windows और macOS में 148.0.7778.96/97 से पहले वाले वर्जन खतरे में बताए गए हैं.
कैसे हो सकता है हमला?
4 / 7एजेंसी के अनुसार हैकर्स किसी खतरनाक वेबसाइट या संदिग्ध लिंक के जरिए यूजर्स को निशाना बना सकते हैं. सिर्फ गलत वेबसाइट खोलने या खराब लिंक पर क्लिक करने भर से सिस्टम पर साइबर हमला हो सकता है. ये भी पढ़ें- महंगे रिचार्ज की छुट्टी! सिर्फ ₹44 में सालभर चालू रहेगी Jio सिम! जानिए ये सस्ता तरीका
क्या-क्या नुकसान हो सकता है?
5 / 7अगर ये कमजोरियां एक्टिव हो जाती हैं, तो साइबर अपराधी सिस्टम पर कोड रन कर सकते हैं, निजी डेटा तक पहुंच बना सकते हैं, ब्राउजर की सुरक्षा को तोड़ सकते हैं या डिवाइस को पूरी तरह प्रभावित कर सकते हैं.
Chrome के किन हिस्सों में मिली दिक्कत?
6 / 7रिपोर्ट के मुताबिक Chrome के रेंडरिंग इंजन, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग और मेमोरी मैनेजमेंट सिस्टम में कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं. इनमें मेमोरी एरर, गलत इनपुट वैलिडेशन और सिक्योरिटी पॉलिसी बायपास जैसी समस्याएं शामिल हैं. ये भी पढ़ें- Google का बड़ा झटका! अब फ्री में नहीं मिलेगा 15GB स्टोरेज, यूजर्स को करना पड़ सकता है ये काम
CERT-In ने क्या सलाह दी?
7 / 7CERT-In ने सभी यूजर्स और संस्थानों को तुरंत Google Chrome का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करने की सलाह दी है. नियमित अपडेट से ऐसे सिक्योरिटी खतरे कम किए जा सकते हैं और साइबर हमलों से बचाव संभव होता है. (Photos-AI Generated)