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Manoj Bajpayee Birthday: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर मनोज बाजपेयी ने अपनी एक्टिंग से ऑडियंस को दीवाना बनाया हुआ है. एक्टर का हर किरदार फैंस का फेवरेट रहा है. वहीं 'सत्या' मूवी में मनोज बाजपेयी ने 'भीखू म्हात्रे' का किरदार निभाकर खूब सुर्खियां बटोरी थी. इस किरदार ने ऑडियंस के बीच मनोज बाजपेयी को अलग पहचान दिलाई थी. चलिए आपको भी बताते हैं मनोज बाजपेयी को ये किरदार कैसे मिला?
'सत्या' से बनाई इमेज

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मनोज बाजपेयी उन सितारों में शामिल हैं जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है. साल 1998 में रिलीज हुई 'सत्या' फिल्म उनके करियर की पहली सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.
मनोज बाजपेयी की लाइफ का टर्निंग पॉइंट

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'सत्या' में मनोज बाजपेयी ने 'भीखू म्हात्रे' के किरदार को निभाकर ऑडियंस के दिलों में अलग ही छाप छोड़ दी थी. ये किरदार मनोज बापजेयी की लाइफ का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था और इस किरदार ने उन्हें दौलत और शोहरत दिलाई थी.
मनोज बाजपेयी ने बताया किस्सा

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आज भी अगर कोई 'सत्या' फिल्म की बात करता है तो उसके जहन में 'भीखू म्हात्रे' का ख्याल ही आता है. मनोज बाजपेयी ने एक इंटरव्यू में इस किरदार के बारे में बात करते हुए कहा था कि जब वो 'दौड़' मूवी कर रहे थे तो अनुराग कश्यप और राम गोपाल वर्मा उनकी एक्टिंग से काफी प्रभावित हो गए थे.
कैसे आया फिल्म बनाने का आइडिया?

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वहीं 'दौड़' की शूटिंग करते-करते राम गोपाल वर्मा के दिमाग में अंडवर्ल्ड को लेकर फिल्म बनाने का प्लान आ गया था. वहीं ऐसी फिल्म में राम गोपाल वर्मा मनोज बाजपेयी को ही कास्ट करना चाहते थे. जबकि 'दौड़' मनोज बाजपेयी का एक छोटा सा किरदार था. लेकिन उनके काम ने मेकर्स का दिल जीत लिया.
स्क्रिप्ट के लिए बेलने पड़े पापड़

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मनोज बाजपेयी ने बताया कि राम गोपाल वर्मा के पास अंडरवर्ल्ड को लेकर फिल्म बनाने का प्लान तो था और लीड एक्टर भी था लेकिन स्क्रिप्ट नहीं थी. इसके लिए राम ने मनोज बाजपेयी के ऊपर स्क्रिप्ट का जिम्मा सौंप दिया. पहले मनोज बाजपेयी ने 'स्वाभिमान' के लेखक विनोद रंगनाथन से मुलाकात की और स्क्रिप्ट लिखने के लिए कहा.
अनुराग कश्यप को मिला जिम्मा

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विनोद रंगनाथन की स्क्रिप्ट राम गोपाल वर्मा के आइडिया को मैच नहीं कर सकी, फिर एंट्री हुई अनुराग कश्यप की. अनुराग कश्यप और सौरभ शुक्ला ने फिल्म की स्टोरी लिखी और ये जोड़ी आइकॉनिक बन गई.
इस किरदार को नहीं करना चाहते थे मनोज बाजपेयी

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अब जब फिल्म की स्क्रिप्ट का सिलसिला शुरू हुआ तो मनोज बाजपेयी को 'सत्या' के लीड रोल की बजाए भीखू म्हात्रे का किरदार दे दिया गया. लेकिन मनोज बाजपेयी को ये बात जमी नहीं, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने मन मारकर इस किरदार को निभाया. लेकिन फिल्म के रिलीज होने के बाद ये किरदार ब्लॉकबस्टर हो गया.
कैसे आया 'भीखू म्हात्रे' का आइडिया?

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वहीं मनोज बाजपेयी ने बताया कि अनुराग कश्यप और सौरभ शुक्ला पहले 'भीखू म्हात्रे' के किरदार का नाम सोच रहे थे, तभी अनुराग कश्यप अपने ऑफिस गए और ऑफिस बॉय का नाम भीखू था जैसे ही उन्होंने कहा कि भीखू कॉफी लेकर आओ, बस फिर अनुराग कश्यप को अपने किरदार का नाम सूझ गया और ऐसे मनोज बाजपेयी के किरदार का नाम भीखू म्हात्रे पड़ गया.