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First Lesbian Movie in India: सिनेमा में कुछ ऐसी भी फिल्में बनीं, जिसने सामाजिक ढांचे को चैलेंज किया. उनमें से एक ऐसी भी फिल्म है, जिसने 1996 में Lesbian लव स्टोरी को बड़े पर्दे पर दिखाया.
सामाजिक फिल्मों का दौर

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सिनेमा के इतिहास में हमेशा सामाजिक फिल्मों का दौर रहा है, जिसमें सामाजिक मुद्दों का खुलकर उठाया गया है. यह फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाई नहीं करती थी, लेकिन इनका विचार परिवर्तन में खास रोल था.
1996 की फिल्म

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साल 1996 में रिलीज हुई 'फायर' का निर्देशन मशहूर फिल्म मेकर दीपा मेहता ने किया था. फिल्म की अवधि मात्र 1 घंटे 44 मिनट है, लेकिन इतने कम समय में ही यह दर्शकों के दिलों-दिमाग पर गहरा असर छोड़ती है.
Lesbian लव स्टोरी दिखाई गई

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इस फिल्म में Lesbian लव स्टोरी को दिखाया गाया. भावनात्मक जुड़ाव से लेकर शारीरिक जुड़ाव को खुलकर दिखाया गया, जिससे समाज के उस अनछुए पहलू को छुआ गया, जिससे लोग दूर भागते हैं.
फिल्म की कहानी

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फिल्म की कहानी एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ दो बहुएं, राधा और सीता अपने-अपने वैवाहिक जीवन में अकेलापन महसूस करती हैं.
पति की अनदेखी

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राधा और सीता उनके पति या तो उन्हें अनदेखा करते हैं या अपनी धार्मिक और व्यक्तिगत उलझनों में व्यस्त रहते हैं. ऐसे में, दोनों महिलाएं एक-दूसरे में प्यार, सांत्वना और सहारा ढूंढती हैं. तभी उन्हें किसी अनछुए पहलू की तलाश होती है.
बड़े सितारों का दमदार अभिनय

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इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसके कलाकार थे. बॉलीवुड की दो दिग्गज अभिनेत्रियों, शबाना आज़मी और नंदिता दास ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं. दोनों के बीच की केमिस्ट्री और उनके किरदारों की संवेदनशीलता ने इस फिल्म को जीवंत बना दिया.
फिल्म की रेटिंग और OTT

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इस फिल्म को 7.1 IMDb रेटिंग मिली है. इसके अलावा आप इसे YouTube पर देख सकते हैं. बता दें कि जब यह फिल्म भारत में रिलीज हुई, तो इसे भारी विरोध का सामना करना पड़ा. कई संगठनों ने फिल्म के विषय को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया और सिनेमाघरों में तोड़-फोड़ भी हुई. हालांकि, फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली.