भारत में ₹3,100 से ₹4,000 तक की बेहद महंगी टिकट खरीदने के बाद भी दर्शक क्रिस्टोफर नोलन की 'The Odyssey' को उसके असली फॉर्मेट में नहीं देख पाएंगे. इसके पीछे कारण जानकर आप अपना माथा पकड़ लेंगे.
फिल्म The Odyssey का इंतजार

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क्रिस्टोफर नोलन के फैंस को फिल्म The Odyssey का बेसब्री से इंतजार है. लोग हफ्तों पहले से 3500 से लेकर 4000 तक की टिकटें खरीदकर सीट बुक किए हुए हैं. लेकिन आप लोगों को जानकार हैरानी होगी और बुरा भी लगेगा कि आप इतने पैसे फूंकने के बावजूद फिल्म का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे.
क्या है असली 'नोलन फॉर्मेट'?

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दरअसल, क्रिस्टोफर नोलन ने 'The Odyssey' को पूरी दुनिया में पहली बार पूर्ण रूप से IMAX 70mm फिल्म कैमरों पर शूट किया है. सिनेमा के इतिहास में यह पहली ऐसी फुल-लेंथ फीचर फिल्म है.
स्क्रीन की कमी होना

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इस असली फॉर्मेट को 1570 फॉर्मेट (1.43:1 एस्पेक्ट रेशियो) कहा जाता है. यह स्क्रीन सामान्य सिनेमा स्क्रीन से कहीं ज्यादा चौड़ी होने के बजाय ऊपर और नीचे से बहुत ज्यादा 'लंबी और ऊंची' होती है. लेकिन पूरे भारत में इस तरह की स्क्रीन नहीं है.
भारत में क्यों नहीं दिखेगा असली जादू?

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मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में केवल 30 सिनेमाघर ही इस असली 70mm IMAX प्रिंट को चलाने की क्षमता रखते हैं जैसे कि लंदन का BFI या न्यूयॉर्क का AMC. भारत के सभी 34 IMAX थिएटर्स केवल डिजिटल या लेज़र डिजिटल IMAX पर चलते हैं.
स्क्रीन पर कट जाएंगे विजुअल्स

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डिजिटल स्क्रीन होने के कारण भारतीय सिनेमाघरों में ओरिजिनल फ्रेम को ऊपर और नीचे से क्रॉप कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि नोलन के कैमरों ने जो विशाल और भव्य विजुअल्स रिकॉर्ड किए हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा भारतीय दर्शक देख ही नहीं पाएंगे.
क्रिस्टोफर नोलन की सला

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खुद नोलन हमेशा अपनी फिल्मों को बेस्ट अनुभव के लिए IMAX स्क्रीन पर ही देखने की सलाह देते हैं. लेकिन भारतीय संदर्भ में, दर्शक पैसे तो 'असली नोलन एक्सपीरियंस' के दे रहे हैं, पर उन्हें मिल केवल 'डिजिटल कनवर्टेड वर्शन' ही रहा है.