राजधानी दिल्ली के लोगों को भी अब मानसून का बेसबरी से इंतजार है. बीते दिन मंगलवार दोपहर में ही राजधानी का मौसम बदल गया था और तेज आंधी-तूफान आया जिसके कारण विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई थी. इसके बाद हल्की बारिश और बौछारों से तापमान में 4 से 15 डिग्री तक की कमी दर्ज की गई. वहीं मौसम विभाग ने आज भी आंधी की संभावना जताई है.
दिल्ली में कब होगी मानसून की एंट्री?

2 / 7
एक तरफ महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री पूरे 13 दिन लेट हुई है तो अब साफ हो गया है कि दिल्ली में भी मानसून अपने नियमित समय से लेट होगा. सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून की एंट्री 27 जून तक हो जाती है.
दिल्ली में नहीं होगी ज्यादा बारिश?

3 / 7
स्काईमेट के अनुसार, मानसून संभावित तौर पर 5 जुलाई के आस-पास दिल्ली में दस्तक दे सकता है. अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बहुत ज्यादा बारिश के संकेत नहीं हैं. ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस से राहत के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा.
जुलाई में मिलेगी गर्मी से राहत

4 / 7
बीते कई सालों से यह जून के अंतिम दिनों तक पहुंच ही जाता है. बीते चार साल से मानसून जून में ही दिल्ली पहुंचा है, लेकिन इस बार यह जुलाई में एंट्री ले सकता है. बीते एक दशक में 2023 में सबसे देरी से मानसून दिल्ली पहुंचा था. इस साल 13 जुलाई को मानसून दिल्ली पहुंचा था. स्काईमेट के अनुसार इस समय मानसून के आने की तय तिथि बताना काफी मुश्किल है. मानसून 5 जुलाई के आसपास पहुंचने की संभावना अधिक है. इसमें तीन दिन आगे पीछे हो सकते हैं.
मानसून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ गई?

5 / 7
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल मानसून को आगे बढ़ाने वाला जरूरी मौसम तंत्र कमजोर पड़ा है. आमतौर पर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव (लो प्रेशर) का क्षेत्र बनता है. यह सिस्टम मानसूनी हवाओं को उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर खींचता है. दूसरी तरफ अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं मानसून को आगे बढ़ाती हैं. इस साल यह पुल और पुश यानी खींचने और धकेलने वाली प्रक्रिया लगभग नहीं के बराबर है. इसलिए मानसून को आगे बढ़ने के लिए जरूरी ताकत नहीं मिल रही और इसकी गति धीमी हो गई है.
मानसून अभी कहां तक पहुंचा है?

6 / 7
दक्षिण भारत में मानसून काफी पहले पहुंच चुका है और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक भी इसका असर दिख रहा है. लेकिन इसकी प्रगति सामान्य से धीमी है. यही वजह है कि मुंबई जैसे शहर, जहां मानसून आमतौर पर 8 जून तक पहुंच जाता है, वहां भी देरी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मानसून अभी मध्य भारत के कई हिस्सों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है. जब तक यह मध्य भारत को कवर नहीं करेगा, तब तक दिल्ली समेत उत्तर भारत में इसकी एंट्री मुश्किल है.
देशभर में बारिश की क्या स्थिति है?

7 / 7
मानसून की धीमी प्रगति का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है. 1 जून से 19 जून के बीच देश में औसतन 51.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 86.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. यानी देश में करीब 41% बारिश की कमी दर्ज की गई है. हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है. यहां बारिश में केवल 4% की कमी दर्ज की गई है.