Onion Price Hike Alert: रुलाने लगीं प्याज की कीमतें? 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे दाम
Price Rate Alert: रसोई का स्वाद कड़वा हो सकता है। दरअसल प्याज की कीमतों ने रफ्तार पकड़ ली है। प्याज के दाम 60 रुपये के पार पहुंच गए हैं। आखिर क्यों अचानक प्याज महंगी हो गई है और कब तक राहत मिलेगी? पूरी रिपोर्ट यहां देखें।

रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ने लगा है क्योंकि प्याज (Onion) की कीमतों ने अचानक 'छलांग' मार दी है। मंडियों में आवक कम होने और निर्यात नीति में बदलाव की सुगबुगाहट ने आम आदमी की आंखों में आंसू ला दिए हैं।
क्यों अचानक लाल हुई प्याज?
2 / 7कुछ दिन पहले तक सस्ते दामों पर मिल रही प्याज अब ₹50-₹60 प्रति किलो के पार पहुंचने लगी है। आखिर क्या वजह है कि अचानक मंडियों में प्याज की कीमतें दोगुनी होने लगी हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे के 5 बड़े कारण।
बेमौसम बारिश की मार: रबी की फसल को पहुंचा भारी नुकसान
3 / 7महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि ने प्याज की तैयार फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। खराब मौसम के कारण खेतों में ही प्याज सड़ने लगी, जिससे मंडियों तक पहुंचने वाली सप्लाई आधी रह गई है।
पुरानी प्याज का खत्म होता स्टॉक: नई फसल आने में अभी है वक्त
4 / 7कोल्ड स्टोरेज में रखी पुरानी प्याज (रबी स्टॉक) अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है। नई 'खरीफ' फसल के आने में अभी कुछ सप्ताह का समय और लगेगा। इस 'सप्लाई गैप' का फायदा बिचौलिये उठा रहे हैं, जिससे कीमतों में उछाल आया है।
निर्यात पर बैन हटने की चर्चा: बढ़ी जमाखोरी की आशंका
5 / 7पिछले कुछ दिनों से चर्चा है कि सरकार प्याज के निर्यात (Export) पर लगी पाबंदियों में ढील दे सकती है। इस खबर के बाद व्यापारियों ने भारी मात्रा में स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऊंचे दामों पर बेच सकें। इस कृत्रिम कमी ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत: डीजल के दामों का असर
6 / 7वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और डीजल की महंगी दरों ने माल ढुलाई (Logistics) को महंगा कर दिया है। नासिक से दिल्ली या कोलकाता तक प्याज पहुंचाने का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर रिटेल कीमतों पर पड़ रहा है।
सरकार का एक्शन: बफर स्टॉक से मिलेगी राहत?
7 / 7बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार अब अपने बफर स्टॉक से प्याज को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। सहकारी समितियों (जैसे NCCF और NAFED) के जरिए सस्ते दामों पर प्याज बेचने की योजना बनाई जा रही है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।



















