World's Highest Minimum Wage: ये हैं दुनिया के सबसे ज्यादा मजदूरी देने वाले देश, एक घंटे के मिलते हैं 1500 रुपये
मजदूरों के शोषण को रोकने और उनके बेहतर जीवन स्तर को सुनिश्चित करने के लिए दुनिया के हर देश ने न्यूनतम मजदूरी' (Minimum Wage) तय की है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का एक देश ऐसा भी है जहाँ मजदूरों को महीने के 3 लाख रुपये से ज्यादा की न्यूनतम मजदूरी मिलती है?

दुनिया में कहां मिलती है सबसे ज्यादा मजदूरी? जानें टॉप देशों का हाल
2 / 8आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए न्यूनतम वेतन एक बड़ा हथियार है। आज के दौर में बढ़ती महंगाई के बीच कई विकसित देशों ने अपने नागरिकों के लिए भारी-भरकम न्यूनतम मजदूरी तय कर रखी है। इसमें लक्जमबर्ग (Luxembourg) दुनिया में सबसे ऊपर है।
नंबर 1 लक्जमबर्ग: महीने की सैलरी जानकर उड़ जाएंगे होश!
3 / 8यूरोप का छोटा सा देश लक्ज़मबर्ग अपने कुशल (Skilled) कामगारों को दुनिया में सबसे ज्यादा पैसा देता है। यहां 18 साल से ऊपर के कुशल लोगों को हर महीने करीब US$3,670 (लगभग ₹3,42,172) की न्यूनतम मजदूरी मिलती है।
नीदरलैंड और जर्मनी: प्रति घंटा कमाई में हैं आगे
4 / 8नीदरलैंड्स में प्रति घंटा न्यूनतम मजदूरी करीब ₹1,557 (US16.70)है। वहीं, जर्मनी में यह ₹1,385 (US14.86) प्रति घंटा है। इन देशों में मासिक वेतन के बजाय काम के घंटों के आधार पर भुगतान का नियम ज्यादा प्रभावी है।
न्यूजीलैंड: ट्रेनिंग लेने वालों को भी मिलता है अच्छा पैसा
5 / 8न्यूजीलैंड में कामगारों के लिए न्यूनतम मज़दूरी ₹1,247 (US$13.38) प्रति घंटा है। खास बात यह है कि जो लोग अभी ट्रेनिंग ले रहे हैं या नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, उन्हें भी सरकार ने ₹998 प्रति घंटा मिलना अनिवार्य किया है।
भारत में क्या है स्थिति? स्किल के हिसाब से मिलता है दाम
6 / 8भारत में न्यूनतम मजदूरी राज्य और स्किल लेवल पर निर्भर करती है। केंद्र सरकार के दायरे में आने वाले वर्कर्स के लिए नियम कुछ इस प्रकार हैं: हाइली स्किल्ड: ₹1,035/दिन स्किल्ड वर्कर्स: ₹954/दिन सेमी-स्किल्ड: ₹868/दिन
न्यूनतम मजदूरी क्यों है जरूरी? शोषण से सुरक्षा
7 / 8सरल शब्दों में कहें तो न्यूनतम मजदूरी का मतलब है 'आर्थिक सुरक्षा'। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी कंपनी किसी मजदूर का शोषण न करे और उसे भोजन, घर और कपड़े जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त राशि मिले।
सबसे कम न्यूनतम मजदूरी देने वाले प्रमुख देशों की सूची
8 / 8दुनिया में जहां एक तरफ लक्ज़मबर्ग और स्विट्जरलैंड जैसे देश हैं जो लाखों में न्यूनतम मजदूरी देते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे देश भी हैं जहाँ पूरे महीने की मेहनत के बदले मिलने वाली राशि किसी मजाक जैसी लगती है। अक्सर युद्ध, अस्थिर अर्थव्यवस्था और अत्यधिक मुद्रास्फीति (Inflation) इन देशों में कम सैलरी का कारण बनती हैं। यहां दुनिया के सबसे कम न्यूनतम मजदूरी देने वाले प्रमुख देशों की सूची दी गई है।
