
1 / 5
अमेरिका ईरान युद्ध में हर रोज 8300 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यह खर्च अमेरिकी बजट पर दबाव डाल रहा है, यही कारण है कि ट्रंप प्रशासन अब सहयोगी देशों से चेक बुक निकालने की मांग कर रहा है। हालांकि, खुद अरब देश अपनी गिरती जीडीपी और तेल मार्गों के बंद होने से आर्थिक संकट में हैं, जिससे यह बिल कौन भरेगा, इस पर एक बड़ा कूटनीतिक विवाद छिड़ सकता है।
हर दिन का औसत खर्च

2 / 5
पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) के आंकड़ों और रक्षा विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार अमेरिका इस युद्ध पर हर रोज करीब $1 अरब (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है। शुरुआती 5 हफ्ते में यानी युद्ध के पहले 35 दिनों में ही अमेरिका का कुल बिल $35 अरब के पार पहुंच चुका है।
पैसा कहां खर्च हो रहा है?

3 / 5
यह भारी-भरकम राशि मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में खर्च हो रही है:
मिसाइल और गोला-बारूद: ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें (जैसे पैट्रियट और SM-3) बेहद महंगी होती हैं। एक-एक मिसाइल की कीमत करोड़ों डॉलर में होती है।
नौसेना का संचालन: खाड़ी क्षेत्र और ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोतों (Aircraft Carriers) और परमाणु पनडुब्बियों को 24/7 एक्टिव रखने का ईंधन और मेंटेनेंस खर्च बहुत अधिक है।
लड़ाकू विमानों की उड़ान: 'सॉर्टिस' (लड़ाकू विमानों की उड़ान) और हवाई हमलों में लगने वाला एविएशन फ्यूल और हथियारों का खर्च।
क्या यह पिछले युद्धों से महंगा है?

4 / 5
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध अप्रैल 2026 के अंत तक इसी तीव्रता से जारी रहता है, तो इसका कुल बिल $200 अरब (करीब 16 लाख करोड़ रुपये) को भी पार कर सकता है। इसकी तुलना में 1990-91 के खाड़ी युद्ध (Gulf War) का कुल खर्च लगभग $61 अरब था। यानी वर्तमान युद्ध तकनीकी और परिचालन की दृष्टि से कहीं अधिक महंगा साबित हो रहा है।
खर्च की भरपाई का ट्रंप प्लान

5 / 5
वाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप इस भारी खर्च का बोझ अकेले अमेरिका पर नहीं रहने देना चाहते। उनका प्रस्ताव है कि अरब देश (सऊदी अरब, यूएई, कतर) इस युद्ध के खर्च में बड़ा योगदान दें, क्योंकि युद्ध उनकी सुरक्षा और उनके क्षेत्र में लड़ा जा रहा है। अमेरिका का तर्क है कि वह इन देशों की तेल रिफाइनरियों और बुनियादी ढांचे की रक्षा कर रहा है, इसलिए सुरक्षा शुल्क के रूप में उन्हें यह बिल चुकाना चाहिए।