Free AC Scheme: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों के लिए 'फ्री एसी योजना' (Free AC Scheme) का एलान किया है। इस वीडियो के मुताबिक, लोग अपने आधार कार्ड के जरिए मुफ्त में एयर कंडीशनर (AC) प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि गर्मी का मौसम है, इसलिए लोग इस आकर्षक दावे पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं और इसे जमकर शेयर कर रहे हैं। लेकिन क्या वाकई सरकार ऐसी कोई योजना चला रही है? सरकारी एजेंसी पीआईबी (PIB Fact Check) ने इस वीडियो की पूरी सच्चाई सामने ला दी है। आइए, जानते हैं क्या है इसका पूरा सच।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पीएम मोदी का वीडियो, किया जा रहा ये दावा

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इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जा रहे इस वीडियो ने हर तरफ सनसनी मचा दी है। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा या मंच से यह बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं कि केंद्र सरकार देश के सभी नागरिकों को मुफ्त में एसी (Air Conditioner) बांटने जा रही है। वीडियो में दावा किया गया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं है, बस आपको अपना आधार कार्ड दिखाना होगा और आपको फ्री एसी मिल जाएगा।
PIB Fact Check ने खोली पोल, वीडियो पर लगाया FAKE का ठप्पा

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जब यह वीडियो हर जगह फॉरवर्ड होने लगा, तो भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी 'पीआईबी फैक्ट चेक' (PIB Fact Check) ने इसका संज्ञान लिया। पीआईबी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए इस पर बड़े अक्षरों में "FAKE" (फर्जी) लिख दिया है। पीआईबी ने साफ किया है कि केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी किसी भी 'फ्री एसी योजना' की घोषणा नहीं की गई है। यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी खबर है।
एआई (AI) का खतरनाक खेल, डीपफेक तकनीक से बनाया गया वीडियो

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पीआईबी की जांच में यह भी सामने आया है कि इस वीडियो को बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल किया गया है। फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो असली नहीं है बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक टूल्स के जरिए तैयार किया गया है। पीएम मोदी की आवाज और लिप-सिंकिंग (होठों का हिलना) को एआई के जरिए बदला गया है ताकि यह सच लगे। आजकल ठग और शरारती तत्व आम लोगों को गुमराह करने और उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए इस तरह के एआई जनित वीडियो का सहारा ले रहे हैं।
भूलकर भी न करें ये गलती, हो सकते हैं बड़े फ्रॉड के शिकार

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इस तरह के आकर्षक और लुभावने संदेशों के पीछे अक्सर साइबर अपराधियों का हाथ होता है, जो आपका निजी डेटा चुराना चाहते हैं। ऐसे फर्जी वीडियो के साथ अक्सर एक 'रजिस्ट्रेशन लिंक' दिया जाता है। इस लिंक पर क्लिक करते ही आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल्स या ओटीपी (OTP) मांगकर आपका बैंक खाता खाली किया जा सकता है। पीआईबी ने सख्त हिदायत दी है कि बिना जांचे-परखे ऐसे किसी भी भ्रामक मैसेज या वीडियो को अपने व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया पर आगे फॉरवर्ड (Share) न करें।
सरकारी योजनाओं की सही जानकारी कहां से लें? नोट कर लें ये पते

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अगर आप सरकार की किसी भी जनकल्याणकारी योजना के बारे में प्रामाणिक और सही जानकारी पाना चाहते हैं, तो हमेशा आधिकारिक स्रोतों का ही इस्तेमाल करें। केंद्र सरकार की सभी वैध योजनाओं की जानकारी के लिए एकमात्र आधिकारिक पोर्टल myscheme.gov.in पर जाएं। अगर आपके पास भी कोई ऐसा संदिग्ध मैसेज आता है, तो आप उसे पुष्टि के लिए पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर या ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं, ताकि सच का पता चल सके।