Pradhan Mantri Awas Yojana For Urban: अगर आप शहर में रहते हैं और अपना पहला घर या फ्लैट खरीदना चाहते हैं, तो क्या इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद मिल सकती है? ग्रामीण क्षेत्रों के साथ क्या शहरों में भी आवास बनाने के लिए या खरीदने के लिए इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है? आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं यहां:
क्या फ्लैट (Flat) वाले भी ले सकते हैं पीएम आवास योजना का लाभ?

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हां, फ्लैट खरीदने वाले भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। अगर आप किसी बिल्डर या विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, GDA, आदि) से नया फ्लैट खरीद रहे हैं, तो आप पीएम आवास योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) का लाभ उठा सकते हैं। इसमें सरकार आपके होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी (छूट) देती है। हालांकि इसके साथ एक शर्त भी है। शर्त ये है कि फ्लैट आपके परिवार का पहला पक्का मकान होना चाहिए। यानी आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
कौन लोग इसके लिए एलिजिबल हैं?

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योजना के तहत पात्रता को मुख्य रूप से आय (Income) के आधार पर श्रेणियों में बांटा गया है:
EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।
LIG (निम्न आय वर्ग): सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच।
MIG-I और MIG-II (मध्यम आय वर्ग): सालाना पारिवारिक आय ₹6 लाख से ₹18 लाख तक (ब्याज सब्सिडी के नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं)।
अन्य अनिवार्य शर्तें:
आवेदक के पास देश में कहीं भी पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
आवेदक ने पहले कभी केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ न लिया हो।
ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी में घर के मालिकाना हक में महिला का नाम होना (या सह-मालिक होना) अनिवार्य है।
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घर बनाने के लिए सरकार कितनी राशि देती है? (कितना पैसा मिलता है?)

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सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि इस बात पर निर्भर करती है कि योजना ग्रामीण (Rural) है या शहरी (Urban):
पीएम आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G):
मैदानी इलाकों (Plains) में घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है।
पहाड़ी, दुर्गम और उत्तर-पूर्वी राज्यों (Hilly/Tribal Areas) में यह राशि ₹1.30 लाख है।
इसके अलावा, मनरेगा (MGNREGA) के तहत शौचालय और मजदूरी के लिए अलग से लगभग ₹12,000 से ₹15,000 की अतिरिक्त मदद मिलती है।
पीएम आवास योजना - शहरी (PMAY-U):
शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग घटकों के तहत सहायता मिलती है। अगर आप लोन पर सब्सिडी (CLSS) ले रहे हैं, तो आपके लोन के ब्याज पर अधिकतम ₹2.67 लाख तक की सब्सिडी सरकार की तरफ से मिलती है, जिससे आपकी ईएमआई (EMI) काफी कम हो जाती है।
क्या शहर में भी पीएम आवास योजना के पैसे मिलते हैं?

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हां, बिल्कुल मिलते हैं। इसे पीएम आवास योजना - शहरी (PMAY-Urban) कहा जाता है। शहर में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय लोग इसके तहत लाभ उठा सकते हैं। इसके चार मुख्य घटक (Components) हैं:
इन-सिटु स्लम पुनर्विकास (ISSR): झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए निजी डेवलपर्स की मदद से घर बनाना।
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS): होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी (फ्लैट या घर खरीदने/बनाने के लिए)।
किफायती आवास भागीदारी (AHP): सरकारी और निजी क्षेत्रों के साथ मिलकर सस्ते फ्लैट्स का निर्माण।
लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC): यदि शहर में आपके पास खुद की जमीन है, तो नया घर बनाने या पुराने घर को बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद।
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जमीन ओनर्स (Land Owners) को आवास योजना का लाभ मिलता है क्या?

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हां, जिनके पास अपनी खुद की जमीन (Plat) है, उन्हें इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। चाहे आप गांव में रहते हों या शहर में, अगर आपके पास खाली जमीन या कोई कच्चा मकान/टूटा हुआ घर है, तो आप उस पर नया पक्का मकान बनाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में इसके लिए सीधी सहायता राशि (₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख) सीधे आपके बैंक खाते में किश्तों में भेजी जाती है। शहरी इलाकों में इसे 'लाभार्थी आधारित निर्माण' (BLC) कहा जाता है, जिसके तहत खुद की जमीन पर घर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आर्थिक मदद देती हैं।
आवश्यक दस्तावेज (रजिस्ट्रेशन के लिए):

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अगर आप आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके पास आधार कार्ड (Aadhaar Card), वोटर आईडी, पैन कार्ड (PAN Card), आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक और जमीन/फ्लैट के कानूनी दस्तावेज होने जरूरी हैं।
महत्वपूर्ण नोट: योजना के तहत आवेदन करते समय या रिकॉर्ड्स में सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से अपने आधार कार्ड की सुरक्षा का ध्यान रखें। वर्तमान डिजिटल नियमों के अनुसार, धोखाधड़ी से बचने के लिए कई सरकारी प्रक्रियाओं में केवल आधार के आखिरी 4 अंक ही प्रदर्शित करने की सलाह दी जाती है।