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सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि देश की एक बड़ी निजी तेल कंपनी ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर ₹1000 की सीमा लगा दी है। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण सप्लाई रुकने की आशंका में लोग घबराहट (Panic Buying) में तेल खरीद रहे हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाने की बात कही जा रही है।
रिलायंस (Jio-bp) पंपों पर पाबंदी की खबर? जानें क्या है पूरा मामला

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ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी (BP) के साझा उपक्रम 'Jio-bp' के कुछ स्टेशनों पर प्रति व्यक्ति ₹1,000 की लिमिट लागू की गई है। देशभर में कंपनी के 2,000 से अधिक पंप हैं। बताया जा रहा है कि मांग में अचानक आई तेजी के कारण स्टॉक खत्म होने से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर यह फैसला लिया गया है।
क्यों लग रही है लिमिट? होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट

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भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां तनाव के कारण शिपमेंट बाधित है। अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बावजूद टैंकरों का आवागमन सामान्य नहीं हो पाया है, जिससे प्राइवेट कंपनियों के लिए सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
पैनिक बाइंग (Panic Buying) से बचने की सलाह

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तेल कंपनियों और विशेषज्ञों का कहना है कि लोग घबराहट में आकर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं और स्टॉक कर रहे हैं। इसी 'पैनिक बाइंग' के कारण पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है और स्टॉक खत्म होने का डर बना हुआ है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फिलहाल पैनिक करने की जरूरत नहीं है।
सरकारी तेल कंपनियों (IOC, HP, BP) पर क्या है असर?

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राहत की बात यह है कि सरकारी तेल कंपनियों (Indian Oil, HPCL, BPCL) की ओर से ऐसी किसी भी लिमिट की खबर नहीं आई है। सरकारी पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि प्राइवेट कंपनियों की तुलना में सरकारी कंपनियों के पास बेहतर बैकअप और इन्वेंट्री है।