पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों और सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि अंतरराष्ट्रीय संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का भारी संकट आने वाला है। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और कड़क पाबंदियों की खबरें भी सामने आईं। इन सभी चर्चाओं और बढ़ती आशंकाओं के बीच देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने एक साझा और बड़ा बयान जारी किया है। कंपनियों ने देश को भरोसा दिलाया है कि ईंधन का कोई संकट नहीं है। आइए, जानते हैं कि तेल कंपनियों का असल में क्या कहना है और बाजार के ताजा आंकड़े क्या बयां कर रहे हैं।
ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य, अफवाहों पर न दें ध्यान: कंपनियों का दावा

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तीनों सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने साफ लफ्जों में कहा है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से पर्याप्त और नियंत्रित है। देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की कोई शॉर्टेज नहीं है। कंपनियों ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग (घबराहट में जरूरत से ज्यादा तेल खरीदना) न करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा न करें।
बिक्री में आया रिकॉर्ड उछाल, मांग बढ़ने के बावजूद सप्लाई है दुरुस्त

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कंपनियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के शुरुआती पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अप्रत्याशित उछाल देखा गया है। देश के प्रमुख राज्यों में पेट्रोल की सेल में 19% और डीजल की सेल में 24.5% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर जयपुर और आसपास के इलाकों में पेट्रोल की डिमांड 18.4% और डीजल की मांग 21.3% तक बढ़ गई है। इसके बावजूद एचपीसीएल (HPCL) ने कहा है कि उनकी पूरी सप्लाई चेन इस भारी मांग को संभालने के लिए 24 घंटे काम कर रही है।
क्यों अचानक बढ़ गई देश में डीजल की मांग? जानिए असली वजह

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तेल कंपनियों के सूत्रों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, देश में अचानक डीजल की मांग बढ़ने के पीछे कोई संकट नहीं, बल्कि खेती और फसल कटाई (Harvesting Season) का सीजन है। इस समय देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में ट्रैक्टरों, कंबाइन हार्वेस्टर और कृषि से जुड़ी मशीनों में डीजल की मौसमी खपत काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा भीषण गर्मी के कारण ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी ईंधन का इस्तेमाल बढ़ा है।
रूस से कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित, नहीं होगी कोई कमी

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ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शीर्ष अधिकारियों ने साफ किया है कि वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया के होर्मुज संकट के बावजूद भारत को रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल (Russian Crude Oil) की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। अधिकारियों ने याद दिलाया कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों का नेट एक्सपोर्टर (Net Exporter) है, यानी हम अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन रिफाइन करते हैं और विदेशों को बेचते हैं। इसलिए घरेलू बाजार में किसी भी तरह के ईंधन संकट की कोई गुंजाइश नहीं है।
एलपीजी (LPG) रसोई गैस की होम डिलीवरी भी रहेगी बेरोकटोक

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पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। इंडियन ऑयल (इंडेन), भारत गैस और एचपी गैस के बॉटलिंग प्लांट्स पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। डीलर्स के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और देश के किसी भी राज्य या शहर में रसोई गैस की बुकिंग और होम डिलीवरी में कोई देरी नहीं होगी। उपभोक्ता पहले की तरह ही आसानी से अपने सिलेंडर बुक कर सकते हैं।