अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' के तहत पासपोर्ट और उससे जुड़े यात्रा दस्तावेजों की फीस में बड़ा संशोधन किया है। नए संशोधित रेट्स 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे। अब नॉर्मल से लेकर तत्काल पासपोर्ट और गुम या फटे पासपोर्ट के बदले नया डॉक्यूमेंट जारी करवाने के लिए आपकी जेब थोड़ी और ढीली होगी। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि किस काम के लिए अब आपको कितने रुपये चुकाने होंगे।
नॉर्मल पासपोर्ट की नई फीस: 36 और 60 पेज के लिए अब देने होंगे इतने रुपये

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नए नियमों के मुताबिक, साधारण प्रक्रिया (Normal Scheme) के तहत पासपोर्ट आवेदन की फीस को अपडेट कर दिया गया है। वयस्कों (Adults) के लिए सामान्य 36 पन्नों वाले पासपोर्ट की फीस अब ₹2,500 तय की गई है। यदि आप अधिक यात्रा करते हैं और आपको 60 पन्नों का भारी जंबो पासपोर्ट चाहिए, तो इसके लिए अब ₹3,500 की फीस चुकानी होगी।
तत्काल पासपोर्ट का नया रेट: इमरजेंसी में बनवाना पड़ेगा और महंगा

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अगर आपको अचानक किसी विदेशी यात्रा पर जाना है और आप तत्काल स्कीम के तहत आवेदन करते हैं, तो नया बजट नोट कर लें। सरकार ने नए नियमों में तत्काल पासपोर्ट (Tatkal Passport) की फीस को बढ़ाकर ₹5,000 फिक्स कर दिया है। तत्काल पासपोर्ट में पुलिस वेरिफिकेशन और प्रिंटिंग की प्रक्रिया बेहद तेज होती है, लेकिन अब इसके लिए आपको पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे।
पासपोर्ट गुम होने, फटने या डैमेज होने पर जेब होगी और ज्यादा ढीली

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कई बार असावधानी के कारण पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, ऐसे में डुप्लीकेट या रिप्लेसमेंट पासपोर्ट जारी कराने के नियम भी बदल गए हैं। नए पासपोर्ट संशोधन नियम 2026 के तहत, यदि आपका वैध पासपोर्ट गुम (Lost) हो जाता है या फट (Damaged) जाता है, तो उसकी जगह नया पासपोर्ट जारी करने के लिए संशोधित फीस स्ट्रक्चर लागू होगा। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि यात्रा दस्तावेजों को बेहद सुरक्षित रखें, क्योंकि अब नए रेट्स के बाद इन्हें दोबारा बनवाना महंगा सौदा साबित होगा।
PCC और सरेंडर सर्टिफिकेट के रेट भी बदले, अब लगेंगे इतने रुपये

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पासपोर्ट के अलावा विदेशों में नौकरी, वीजा या नागरिकता से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेजों की फीस में भी सरकार ने बदलाव किया है। नौकरी या दीर्घकालिक वीजा के लिए जरूरी पीसीसी (PCC) की फीस को संशोधित कर अब ₹750 कर दिया गया है। विदेशी नागरिकता लेने या किसी अन्य वजह से भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने पर मिलने वाले सरेंडर सर्टिफिकेट (Surrender Certificate) के लिए भी अब ₹750 की फीस देनी होगी।
वैलिडिटी के नियम रहेंगे पहले जैसे, वयस्कों और नाबालिगों के लिए अलग टाइमलाइन

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फीस में बढ़ोतरी के बावजूद, पासपोर्ट की समय सीमा यानी वैलिडिटी (Validity) के मूल नियमों में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह ही पूरे 10 साल के लिए वैध रहेगा। बच्चों या नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगी।