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8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और भत्तों को लेकर जारी गहमागहमी के बीच मोदी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हुई नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की उच्च स्तरीय बैठक में साल 2004 में अनुकंपा के आधार (Compassionate Ground) पर भर्ती हुए कर्मचारियों को लेकर एक बेहद संवेदनशील निर्णय लिया गया है। सरकार के इस कदम से एक खास वर्ग के कर्मचारियों को अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से हटाकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) का फायदा मिलेगा। आइए, 5 स्लाइड्स में समझते हैं कि सरकार ने क्या फैसला लिया है और इसका फायदा किसे मिलेगा।
अनुकंपा पर नौकरी पाने वालों को मिला ओल्ड पेंशन स्कीम का तोहफा!

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केंद्र सरकार के इस नए फैसले के तहत उन सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में लाया जाएगा, जिनकी नियुक्ति साल 2004 में अनुकंपा के आधार पर हुई थी। NC-JCM के स्टाफ साइड के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने साफ किया है कि लंबे समय से चल रही इस मांग को कैबिनेट सेक्रेटरी ने आखिरकार सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
जानिए किस खास वर्ग को मिलेगा इसका फायदा?

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सरकार ने इस लाभ को देने के लिए एक स्पष्ट समय सीमा तय की है। जिन सरकारी कर्मचारियों का निधन साल 2003 (22 दिसंबर 2003 के नोटिफिकेशन से पहले) में हो गया था और उनके आश्रितों ने अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन भी 2003 में ही कर दिया था, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण उन्हें ज्वाइनिंग या नियुक्ति पत्र 1 जनवरी 2004 के बाद मिला, उन्हें OPS का हकदार माना जाएगा। बशर्ते वे कर्मचारी पद की योग्यता, आयु सीमा और जरूरी पात्रता (Field of Eligibility) की सभी शर्तों को पूरा करते हों।
एक हफ्ते के भीतर जारी होगा आधिकारिक आदेश!

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बैठक में मौजूद पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) के सचिव ने कैबिनेट सेक्रेटरी के इस संवेदनशील फैसले पर पूरी सहमति जताई है। विभाग ने भरोसा दिया है कि इस फैसले से जुड़ी तकनीकी कमियों को दूर करके अगले एक हफ्ते के भीतर इसका आधिकारिक आदेश (Implementation Order) जारी कर दिया जाएगा।
क्यों उठाई गई थी यह मांग? कर्मचारियों की दलील

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कर्मचारी संगठन ने दलील दी थी कि जब कर्मचारी की मृत्यु साल 2003 में हुई और आवेदन भी उसी वक्त आ गया था, तो प्रशासनिक लेती-लतीफी या विभागों की देरी की सजा आश्रितों को क्यों मिले? 1 जनवरी 2004 से देश में एनपीएस (NPS) अनिवार्य कर दिया गया था, जिससे ये कर्मचारी ओपीएस से वंचित रह गए थे। अब सरकार ने इस विसंगति को दूर कर बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच दिया है।
8वें वेतन आयोग के बीच विधवा बहुओं को लेकर भी बड़ी मांग

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इस उच्च स्तरीय बैठक में कर्मचारी यूनियंस ने परिवार की परिभाषा को बदलते हुए आश्रित विधवा बहू (Widowed Dependant Daughter-in-law) को भी फैमिली पेंशन के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई है। कैबिनेट सेक्रेटरी ने इस मांग पर गंभीरता दिखाते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को निर्देश दिया है कि वे कानून मंत्रालय के साथ मिलकर इस मामले की तुरंत समीक्षा करें।