Gas Cylinder Price Today : रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने एक बेहद जरूरी और नई एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में गैस सिलेंडर की सुरक्षा, डिलीवरी के नियमों और धोखाधड़ी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी तेज है कि क्या आज सोमवार को रसोई गैस के दाम बढ़ गए हैं? आइए, जानते हैं कि तेल कंपनियों की नई गाइडलाइन क्या है और आज आपके शहर में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर किस भाव पर मिल रहे हैं।
तेल कंपनियों की नई एडवाइजरी: सिलेंडर लेते समय इन 3 बातों का रखें खास ख्याल

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गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों ने ग्राहकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। डिलीवरी लेते समय हमेशा सिलेंडर की सील चेक करें। एडवाइजरी के मुताबिक, आप डिलीवरी बॉय से सिलेंडर का वजन तौलने (Weight Check) के लिए कह सकते हैं। तय कीमत से एक भी रुपया ज्यादा मांगने पर ग्राहक सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा गैस पाइप और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच कराने की भी सलाह दी गई है।
क्या आज बढ़ गए रसोई गैस के दाम? जानिए घरेलू सिलेंडर का ताजा हाल

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दामों को लेकर परेशान होने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आज 15 जून को घरों में इस्तेमाल होने वाले नीले-लाल घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 kg) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹942.00, नोएडा में ₹939.50, मुंबई में ₹941.50 और कोलकाता में ₹968.00 के पुराने भाव पर ही स्थिर है। पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को यह पहले की तरह सब्सिडी वाले रेट पर मिलता रहेगा।
कमर्शियल गैस सिलेंडर पर महंगाई की मार, होटल-रेस्तरां का बिगड़ा बजट

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भले ही घरेलू गैस के दाम शांत हों, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों पर पिछले दिनों से भारी बोझ पड़ा हुआ है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹195.50 का भारी इजाफा किया था, जिसके बाद दरें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50, कोलकाता में ₹2,208.00, मुंबई में ₹2,031.00 और चेन्नई में ₹2,246.50 के भाव पर बिक रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अंतरराष्ट्रीय बाजार का पूरा खेल

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गैस के दामों में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के पीछे वैश्विक ऊर्जा बाजार की बड़ी हलचलें जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया संकट के चलते सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में अचानक 44% का उछाल आया था, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ गई। हालांकि, अब अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल में गिरावट शुरू हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के ऊंचे स्तर के कारण तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडर पर करीब ₹380 प्रति सिलेंडर का घाटा (Under-recovery) खुद उठा रही हैं, ताकि आम जनता पर सीधा असर न पड़े।