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महीने के अंत में गैस की कीमतों को लेकर हर घर में चर्चा होती है। आज 29 अप्रैल को घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में स्थिरता देखी गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव 1 मई को बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
घरेलू और कमर्शियल LPG का रेट

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14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 केजी वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें यहां चेक करें।
नई दिल्ली ₹913.00 | ₹2,078.50
कोलकाता ₹939.00 | ₹2,208.00
मुंबई ₹912.50 | ₹2,031.00
चेन्नई ₹928.50 | ₹2,246.50
गुड़गांव ₹921.50 | ₹2,095.00
नोएडा ₹910.50 | ₹2,078.50
बेंगलुरु ₹915.50 | ₹2,161.00
भुवनेश्वर ₹939.00 | ₹2,244.50
चंडीगढ़ ₹922.50 | ₹2,099.50
हैदराबाद ₹965.00 | ₹2,321.00
जयपुर ₹916.50 | ₹2,106.00
लखनऊ ₹950.50 | ₹2,201.00
पटना ₹1,002.50 | ₹2,353.00
तिरुवनंतपुरम ₹922.00 | ₹2,113.00
CNG-PNG Update: क्या बढ़ गया पाइप वाली गैस का दाम?

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इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और मियानगरी गैस लिमिटेड (MGL) ने आज कीमतों को स्थिर रखा है। दिल्ली में सीएनजी ₹76.59/kg और पीएनजी ₹47.89/SCM पर मिल रही है। हालांकि, नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें मामूली रूप से भिन्न हैं।
1 मई की बड़ी समीक्षा: क्या होगा अगला कदम?

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1 मई को तेल कंपनियां एक बार फिर कीमतों की समीक्षा करेंगी। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही बाधाओं को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का मानना है कि कमर्शियल गैस की कीमतों में कटौती या बढ़ोतरी का फैसला अंतरराष्ट्रीय गैस बेंचमार्क के आधार पर लिया जाएगा।
सिलेंडर कितना महंगा हो सकता है?

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घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): मार्च 2026 से अब तक इसकी कीमतों में ₹60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो अगली तिमाही में घरेलू ईंधन की लागत में 15% से 20% तक का प्रभावी उछाल आ सकता है।
कमर्शियल सिलेंडर (19 kg) कितना महंगा हो सकता है

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व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में भारी उछाल देखा गया है। मार्च और अप्रैल 2026 के बीच ही इसमें मेट्रो शहरों में कुल ₹340 से ज्यादा की वृद्धि हुई है:
1 मार्च को ₹28–₹31 की बढ़ोत्तरी।
7 मार्च को ₹114.5 की बढ़ोत्तरी।
अप्रैल में करीब ₹196 की बढ़ोत्तरी।
1 मई के कमर्शियल गैस सिलेंडर में 50 से 60 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण:

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भारत का लगभग 90% एलपीजी (LPG) आयात हॉमूर्ज स्ट्रेट के रास्ते से होता है। यहां जारी तनाव से सप्लाई बाधित होने का डर है। वहीं वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $115 प्रति बैरल के आसपास है, जिससे तेल कंपनियों (OMCs) पर बोझ बढ़ गया है। अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है।