रसोई गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने और देश में स्वच्छ ईंधन के सही वितरण के लिए सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। सरकार अब एक घर, एक गैस कनेक्शन (One Home, One Gas Connection) की नीति पर पूरी सख्ती से जोर दे रही है। इसी कड़ी में अब एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन से लेकर 90 दिन की समयसीमा वाले नए प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। आइए, समझते हैं कि ये नए नियम क्या हैं और आपको किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए क्या करना होगा।
एलपीजी-पीएनजी का नया प्रोटोकॉल: जानें क्या हैं 30 और 90 दिन के नियम

3 / 6
पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और एलपीजी (LPG) सिलेंडर दोनों का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब समयसीमा तय कर दी गई है। अगर आपके घर में नया पीएनजी (PNG) कनेक्शन चालू हुआ है, तो आपको अगले 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा या उसे होल्ड पर डालना होगा। किसी भी हाल में पीएनजी शुरू होने के 90 दिनों (3 महीने) के भीतर एलपीजी कनेक्शन का निपटारा या सरेंडर प्रोटोकॉल पूरा करना अनिवार्य है, अन्यथा कार्रवाई हो सकती है।
रीफिलिंग के लिए पहले जारी हुए थे 25 दिन और 45 दिन के नियम

4 / 6
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने गैस सिलेंडरों को लेकर सख्ती दिखाई है; इससे पहले भी बुकिंग टाइमलाइन को नियंत्रित किया जा चुका है। शुरुआती नियमों के तहत, एक सिलेंडर बुक करने के बाद उपभोक्ता अगले 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर (रीफिल) बुक नहीं कर सकते थे। सब्सिडी वाले सिलेंडरों के न्यायसंगत वितरण के लिए दो सिलेंडरों की डिलीवरी के बीच न्यूनतम 45 दिनों का एक और नियम भी चर्चा में रहा था, ताकि गैस की किल्लत न हो।
नियम तोड़ा तो ब्लॉक हो सकता है कनेक्शन, सब्सिडी पर भी गिरेगी गाज

5 / 6
अगर कोई उपभोक्ता इन नए नियमों और समयसीमा की अनदेखी करता है, तो उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। तय समयसीमा (90 दिन) के भीतर मल्टीपल या अवैध कनेक्शनों की जानकारी न देने पर तेल कंपनियां आपका गैस कनेक्शन हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकती हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (LPG Subsidy) पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी और पेनल्टी भी चुकानी पड़ सकती है।
परेशानी से बचने के लिए तुरंत करें ये काम; केवाईसी (KYC) है जरूरी

6 / 6
अगर आपके घर में भी एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं या एलपीजी-पीएनजी दोनों चालू हैं, तो इस तरह खुद को सुरक्षित रखें:
सरेंडर या ट्रांसफर: अपनी नजदीकी गैस एजेंसी (Indane, HP, Bharat Gas) पर जाएं और अतिरिक्त कनेक्शन को सरेंडर करें या परिवार के किसी ऐसे सदस्य के नाम ट्रांसफर कराएं जो अलग पते पर रहता हो।
e-KYC प्रक्रिया पूरी करें: अपने मौजूदा एक्टिव कनेक्शन का बायोमेट्रिक या ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC) तुरंत पूरा करवाएं ताकि आपका कनेक्शन वैध बना रहे।