Aadhaar Card दिखाएं और तुरंत गैस सिलेंडर पाएं, यहां लग रहा है सरकारी कैंप; जानें पूरी डिटेल
दिल्ली में रहने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए केजरीवाल सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब मजदूरों को रसोई गैस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि सरकार सीधे उनके पास पहुंचकर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएगी।

दिल्ली सरकार अब प्रवासी मजदूरों की बस्तियों में विशेष कैंप लगाकर 5 किलो वाले एलपीजी (LPG) सिलेंडर बांटेगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब दिल्ली में इन सिलेंडरों की रोजाना सप्लाई को 684 से बढ़ाकर 1,368 कर दिया गया है। यानी अब दोगुने मजदूरों को इसका लाभ मिलेगा।
क्यों खास हैं ये 5 किलो वाले सिलेंडर (FTL)?
2 / 6प्रवासी मजदूरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'स्थायी पते के सबूत' (Address Proof) की होती है। ये 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उन लोगों के लिए वरदान हैं जिनके पास पते का कोई दस्तावेज नहीं है। इन्हें बिना किसी लंबी कागजी कार्यवाही के आसानी से लिया जा सकता है।
पहचान लिए गए हैं इलाके, यहां लगेंगे विशेष कैंप
3 / 6जिला प्रशासन अब दिल्ली के उन इलाकों की पहचान कर रहा है जहां प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन चिन्हित स्थानों पर मोबाइल वैन और अस्थाई कैंपों के जरिए गैस की सप्लाई की जाएगी, ताकि मजदूरों को दूर न जाना पड़े।
आवेदन की प्रक्रिया: खुद भी मांग सकते हैं अपने इलाके में कैंप
4 / 6यदि किसी इलाके के मजदूर गैस एजेंसी से सिलेंडर नहीं ले पा रहे हैं, तो वे सीधे जिला कार्यालय (DM Office) में आवेदन कर सकते हैं। समूह में आवेदन करने पर प्रशासन आपके इलाके में विशेष कैंप लगवाने की व्यवस्था करेगा। यह मौजूदा सप्लाई चैन के अतिरिक्त एक विशेष सुविधा होगी।
बस आधार कार्ड दिखाएं और सिलेंडर ले जाएं
5 / 6इन कैंपों से सिलेंडर लेना बेहद आसान है। मजदूरों को बस अपना आधार कार्ड पहचान पत्र के रूप में दिखाना होगा। सिलेंडर की निर्धारित राशि का भुगतान करने के बाद उन्हें तुरंत गैस रिफिल मिल जाएगी। यह व्यवस्था रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों के लिए समय की बचत करने वाली है।
झुग्गी-बस्तियों और लेबर चौकों पर रहेगी कड़ी नजर
6 / 6जिला प्रशासन की टीमें इन कैंपों में मांग और वितरण की मॉनिटरिंग करेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी इलाके में गैस की किल्लत न हो और कालाबाजारी पर रोक लग सके। तेल कंपनियों के साथ मिलकर सरकार इस मिशन को सफल बनाने में जुटी है।