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आज गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को पश्चिम एशिया के तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में एलपीजी की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं। $100 प्रति बैरल के पार पहुंच चुके कच्चे तेल के बावजूद सरकार ने घरेलू मोर्चे पर मोर्चा संभाला हुआ है।
क्या आपके शहर में बढ़ गए गैस के दाम?

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वेस्ट एशिया संकट और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में मची हलचल के कारण दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। कच्चे तेल के दाम $100 प्रति बैरल के पार निकल गए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि आज 23 अप्रैल को भी घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
जानें 14.2kg और 19kg सिलेंडर का हाल

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घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत में आखिरी बार मार्च में ₹60 की बढ़ोत्तरी हुई थी, जिसके बाद से दाम स्थिर हैं। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम मार्च और अप्रैल में मिलाकर करीब ₹340 से ज्यादा बढ़ चुके हैं, जिसने रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों की कमर तोड़ दी है।
शहर घरेलू (14.2 Kg) कमर्शियल (19 Kg)
नई दिल्ली ₹913.00 ₹2,078.50
कोलकाता ₹939.00 ₹2,208.50
मुंबई ₹912.50 ₹2,031.00
चेन्नई ₹928.50 ₹2,246.50
गुड़गांव ₹921.50 ₹2,096.50
नोएडा ₹910.50 ₹2,078.50
बेंगलुरु ₹915.50 ₹2,161.00
भुवनेश्वर ₹939.00 ₹2,245.00
चंडीगढ़ ₹922.50 ₹2,099.50
हैदराबाद ₹965.00 ₹2,320.50
जयपुर ₹916.50 ₹2,106.00
लखनऊ ₹950.50 ₹2,201.00
पटना ₹1,002.50 ₹2,353.50
क्यों लगी है कीमतों में आग? होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा गणित

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ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) लगभग बंद है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिससे समुद्री जहाजों की आवाजाही ठप है। इसी सप्लाई की कमी ने भारत सहित दुनिया भर में एलपीजी की दरों को प्रभावित किया है।
सरकार का सुरक्षा कवच

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सूत्रों के अनुसार, सरकार एक 'फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन मैकेनिज्म' (ईंधन मूल्य स्थिरीकरण तंत्र) लाने की योजना बना रही है। इसका मकसद वैश्विक बाजार में आने वाले उछाल से भारतीय उपभोक्ताओं को बचाना है ताकि पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम रातों-रात न बढ़ें।
रिफाइनरियों के लिए 'इमरजेंसी' आदेश: देश में गैस की कमी नहीं होगी!

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सरकार ने अपनी आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, भारत अपने पड़ोसी देशों को ईंधन निर्यात तभी करेगा जब हमारे पास जरूरत से ज्यादा स्टॉक होगा। प्राथमिकता केवल 'भारतीय रसोई' है।
पीएनजी (PNG) अपनाइए, झंझट भगाइए: सरकार का नया रुख

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सरकार अब घरों को पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जिन घरों में पीएनजी है, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर रखने या रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए उठाया गया है।