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Gold Capital of World : दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर जोहान्सबर्ग दुनिया भर में गोल्ड कैपिटल के नाम से मशहूर है। स्थानीय लोग इसे 'ई-गोली' (eGoli) कहते हैं, जिसका अर्थ है सोने की जगह। यह शहर विटवाटर्सरैंड (Witwatersrand) की उन पहाड़ियों पर बसा है, जो बेशकीमती खनिजों से भरी हुई हैं।
एक खेत से शुरू हुई दुनिया के सबसे बड़े शहर की कहानी

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जोहान्सबर्ग की किस्मत जुलाई 1886 में बदली, जब जॉर्ज हैरिसन नाम के एक व्यक्ति को लांगलाग्ते फार्म पर सोने की चट्टान मिली। देखते ही देखते यह धूल भरा इलाका दुनिया के सबसे बड़े माइनिंग कैंप में बदल गया और महज 10 साल के भीतर यह दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर बन गया।
दुनिया का 40% सोना सिर्फ इसी एक जगह से! जानें इसकी खासियत

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जोहान्सबर्ग 'विटवाटर्सरैंड बेसिन' पर स्थित है। यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मानव इतिहास में अब तक जितना भी सोना निकाला गया है, उसका लगभग 40% हिस्सा अकेले इसी बेसिन से आया है।
दुनिया की सबसे गहरी खदान: जमीन के 4 किलोमीटर नीचे का सफर

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यहां सोना इतनी गहराई में है कि जोहान्सबर्ग में दुनिया की सबसे गहरी खदानें स्थित हैं। 'म्पोनेंग गोल्ड माइन' (Mponeng Gold Mine) जमीन के अंदर 4 किमी (2.5 मील) गहरी है। वहां तापमान इतना अधिक (60°C) होता है कि उसे ठंडा रखने के लिए विशाल बर्फ के संयंत्रों की जरूरत पड़ती है।
अंतरिक्ष से भी दिखता है यह शहर: 1 करोड़ पेड़ों का मानव निर्मित जंगल

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सोने के अलावा जोहान्सबर्ग की एक और पहचान है। यहां 1 करोड़ से अधिक पेड़ हैं, जो इसे दुनिया के सबसे घने मानव निर्मित जंगलों में से एक बनाते हैं। यह हरियाली इतनी घनी है कि इसे अंतरिक्ष (सैटेलाइट) से भी साफ देखा जा सकता है।
भविष्य का खजाना: अभी भी आधा सोना बाकी है?

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भूवैज्ञानिकों का अनुमान है कि दुनिया का लगभग 50% सोना अभी भी इसी धरती के नीचे दफन है। हालांकि, यह इतनी गहराई में है कि वर्तमान तकनीक से वहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। जोहान्सबर्ग आज भी माइनिंग और फाइनेंस का ग्लोबल हब बना हुआ है।