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अब तक हम सुनते थे कि विदेशी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। 2026 सिलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट (Select USA Investment Summit) में अमेरिकी दूतावास ने एक ऐसा दावा किया है जिसने हर भारतीय का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा 20.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया है। आइए देखते हैं इस ऐतिहासिक निवेश की पूरी कहानी।
अमेरिका में मेड इन इंडिया का बोलबाला

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भारतीय कंपनियों ने अमेरिका की धरती पर 1.71 लाख करोड़ रुपये लगाकर अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अमेरिकी दूतावास का दावा है कि भारतीय उद्योग जगत अब अमेरिका को विकास का सबसे मजबूत केंद्र मान रहा है।
फार्मा सेक्टर में सुपरपावर बना भारत

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कुल निवेश का एक बड़ा हिस्सा यानी 19.1 अरब डॉलर सिर्फ फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में किया गया है। यह निवेश अमेरिका के रिसर्च (R&D) और दवा उत्पादन को नई मजबूती देगा।
स्टील सेक्टर को दी फौलादी मजबूती

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भारतीय कंपनियों ने अमेरिका के स्टील सेक्टर में 255 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस पैसे से अमेरिका की पुरानी औद्योगिक क्षमता को आधुनिक बनाया जा रहा है।
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स: 12 कंपनियां शुरू करेंगी नया सफर

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भारत की 12 दिग्गज कंपनियां अमेरिका में नई ग्रीनफील्ड परियोजनाएं शुरू कर रही हैं। इन नए प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए 1.1 अरब डॉलर का बजट रखा गया है।
उभरती तकनीकों पर भारत का दांव

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फार्मा और स्टील के अलावा ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर (Energy) और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (AI/Quantum) में भी भारतीय कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं। भारतीय कंपनियां तकनीक के मामले में ग्लोबल लीडर बनने की राह पर हैं।
विकास का नया केंद्र

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यह निवेश सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच मजबूत होते व्यापारिक रिश्तों का प्रतीक है। भारतीय कंपनियों के इस कदम से अमेरिका में हजारों की संख्या में नए रोजगार भी पैदा होंगे।