Aadhaar card Real Vs Fake: आधार कार्ड असली है या नकली, कैसे पता चलता है? जानें चेक करने का तरीका
आधार कार्ड को लेकर धोखाधड़ी के मामले इन दिनों बढ़े हैं। ऐसे में जो आधार कार्ड आपके पास है, क्या वह असली है या नहीं? यह पहचानने का तरीका यहां जानें

आज के डिजिटल दौर में आधार कार्ड सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी पहचान है। बैंक खाता खुलवाना हो या सिम कार्ड लेना, हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन, सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी! जालसाज अब हूबहू असली दिखने वाले नकली आधार कार्ड बना रहे हैं। आपकी सुरक्षा के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके हाथ में मौजूद आधार कार्ड असली है या नहीं। आइए, इस गैलरी के जरिए जानते हैं वेरिफिकेशन के सबसे आसान और पक्के तरीके।
12 अंकों के नंबर की जांच: सबसे पहला कदम
2 / 5सबसे पहले आधार कार्ड पर छपे 12 अंकों के नंबर को वेरिफाई करें। असली आधार नंबर UIDAI के आधिकारिक रिकॉर्ड से जुड़ा होता है। अगर नंबर सही है, तो वेरिफिकेशन के दौरान व्यक्ति का लिंग (Gender), आयु वर्ग (Age Group) और राज्य की जानकारी सामने आ जाएगी। अगर नंबर इनएक्टिव या गलत है, तो समझ लीजिए दाल में कुछ काला है।
QR कोड स्कैनिंग: सबसे भरोसेमंद तरीका
3 / 5नए आधार कार्ड में एक सुरक्षित QR कोड होता है जिसमें डिजिटल सिग्नेचर के साथ जानकारी छिपी होती है। यह सबसे सुरक्षित तरीका है। QR कोड स्कैन करने पर जो फोटो, नाम और पता स्क्रीन पर आए, उसे कार्ड पर छपी जानकारी से मिलाएं। अगर जानकारी अलग है, तो कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है।
फिजिकल बनावट पर दें ध्यान: आंखों से करें पड़ताल
4 / 5कई बार नकली कार्ड को ध्यान से देखने पर ही शक हो जाता है। अगर प्रिंटिंग धुंधली है, फोटो की क्वालिटी खराब है या UIDAI का लोगो सही जगह नहीं है, तो सावधान हो जाएं। अक्सर नकली कार्ड बनाने वाले स्पेलिंग या फॉन्ट (लिखने के तरीके) में गलती कर देते हैं। टेक्स्ट का सीधा न होना भी एक बड़ा रेड फ्लैग है।
क्यों जरूरी है वेरिफिकेशन?
5 / 5नकली आधार का इस्तेमाल बैंकिंग फ्रॉड, सिम कार्ड घोटाले और रेंटल वेरिफिकेशन जैसे स्कैम्स में हो रहा है। अपनी संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा आधिकारिक 'mAadhaar' ऐप या UIDAI की वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी अनजान लिंक पर अपनी डिटेल्स शेयर न करें।