Highway New Rule Update: नेशनल हाईवे से 35000 करोड़ जुटाएगी सरकार! जानें आप की जेब पर क्‍या होगा असर

नेशनल हाईवे से ₹35,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में केंद्र सरकार। जानिए क्या है 28 हाईवे एसेट्स के मोनिटाइजेशन का यह महाप्लान और इससे आम जनता पर क्‍या असर होगा

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देश में नए एक्सप्रेसवे और चमचमाते नेशनल हाईवे बनाने के लिए केंद्र सरकार ने फंड जुटाने का एक मेगा प्लान तैयार किया है। सरकार देश के 28 नेशनल हाईवे एसेट्स (National Highway Assets) का मोनिटाइजेशन (Monetisation) करने जा रही है, जिससे करीब ₹35,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। आखिर क्या है सरकार का यह हाईवे से कमाई करने का पूरा फॉर्मूला? क्या इससे टोल टैक्स बढ़ जाएगा? आइए, समझते हैं।

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क्या है हाईवे मोनिटाइजेशन का मतलब?

क्या है हाईवे मोनिटाइजेशन का मतलब?2 / 6

सरल शब्दों में समझें तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरकार अपने हाईवे को निजी हाथों में बेच रही है। सरकार अपने तैयार हो चुके और चालू नेशनल हाईवे (जहां से पहले से टोल टैक्स आ रहा है) को एक निश्चित समय के लिए निजी कंपनियों या इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स को लीज (किराए) पर देगी। इसके बदले सरकार को एकमुश्त मोटी रकम मिल जाएगी।

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₹35,000 करोड़ का महाप्लान और 28 एसेट्स

₹35,000 करोड़ का महाप्लान और 28 एसेट्स3 / 6

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस प्लान के तहत कुल 28 नेशनल हाईवे स्ट्रेच (हिस्सों) की पहचान की गई है। इन हाईवे को ऑपरेट-मेंटेन-ट्रांसफर (OMT) या नैशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InVIT) के जरिए मोनिटाइज किया जाएगा, जिससे सरकारी खजाने में सीधे ₹35,000 करोड़ आएंगे।

इस भारी-भरकम कमाई का सरकार क्या करेगी?

इस भारी-भरकम कमाई का सरकार क्या करेगी?4 / 6

इस मोनिटाइजेशन से जो पैसा आएगा, उसका इस्तेमाल सरकार देश के सुदूर इलाकों में नए हाईवे बनाने, पुराने हाईवे को 4-लेन या 6-लेन में अपग्रेड करने और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को कम करने के लिए करेगी। इससे सरकार पर नया विदेशी कर्ज लेने का दबाव कम होगा और देश का इंफ्रास्ट्रक्चर अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगा।

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आम जनता और वाहन चालकों पर क्या असर होगा?

आम जनता और वाहन चालकों पर क्या असर होगा?5 / 6

आपके मन में सवाल होगा कि क्या इससे टोल की दरें बढ़ जाएंगी? इसका जवाब है टोल की दरें सरकार के पहले से तय नियमों के मुताबिक ही चलती हैं, निजी कंपनियां अपनी मर्जी से अचानक टोल नहीं बढ़ा सकतीं। क्‍योंक‍ि निजी कंपनियां इन हाईवे का रखरखाव करेंगी, इसलिए वाहन चालकों को बेहतर सड़कें, गड्ढा-मुक्त सफर, क्विक एम्बुलेंस सर्विस और हाईवे पर शानदार सुविधाएं (Wayside Amenities) मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।

इनविट (InVIT) के जरिए आम लोग भी कर सकते हैं निवेश!

इनविट (InVIT) के जरिए आम लोग भी कर सकते हैं निवेश!6 / 6

इस मोनिटाइजेशन प्लान का एक हिस्सा 'InVIT' (Infrastructure Investment Trust) है। यह म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है। इसके जरिए देश के आम छोटे निवेशक और पेंशन फंड्स भी सरकारी हाईवे प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाकर नियमित रिटर्न या ब्याज के रूप में कमाई कर सकते हैं। यानी देश की तरक्की में आम जनता भी सीधे भागीदार बन सकती है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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