सरकार ने मंगलवार को 1 जुलाई से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन्स टैक्स बढ़ा दिया, जबकि डीजल और ATF पर लगने वाले टैक्स में कटौती की। डीज़ल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) की दर मौजूदा ₹14 प्रति लीटर से घटकर ₹8.5 प्रति लीटर हो जाएगी। ATF के एक्सपोर्ट पर SAED मौजूदा ₹12.5 प्रति लीटर से कम होकर ₹7.5 प्रति लीटर हो जाएगी।
डीजल पर टैक्स सीधे ₹5.5 प्रति लीटर घटा, कंपनियों की बल्ले-बल्ले!

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डीजल का एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के लिए 1 जुलाई की सुबह बड़ी राहत लेकर आई है। सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त शुल्क में ₹5.5 प्रति लीटर की भारी कटौती कर दी है, जिससे अब यह ₹14 से घटकर सीधे ₹8.5 प्रति लीटर पर आ गया है।
Jet Fuel Tax Cut: एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर भी सरकार ने दिखाई नरमी, टैक्स में ₹5 की कटौती

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डीजल के साथ-साथ हवाई जहाज के ईंधन यानी एटीएफ (ATF) पर भी विंडफॉल टैक्स घटाया गया है। सरकार ने इसे ₹12.5 प्रति लीटर से कम करके ₹7.5 प्रति लीटर कर दिया है। घरेलू बाजार में प्रचुर उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह ढील दी है।
सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर कसा शिकंजा, ₹2.5 प्रति लीटर बढ़ा टैक्स

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एक तरफ जहां डीजल और एटीएफ पर राहत मिली है, वहीं पेट्रोल का एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को झटका लगा है। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को ₹1.5 से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया है, ताकि देश के भीतर पेट्रोल की कोई किल्लत न हो।
क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

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आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि इस बदलाव का पेट्रोल-डीजल की खुदरा (Retail) कीमतों पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह टैक्स केवल उन कंपनियों पर लगता है जो विदेशों में तेल का निर्यात (Export) करती हैं। देश के भीतर आयात (Import) होने वाले तेल पर यह लागू नहीं होता, इसलिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर रहेंगे।
पड़ोसी देशों के बाद अब इन दो देशों को भी टैक्स में छूट

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वित्त मंत्रालय ने एक और बड़ा ऐलान किया है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले तेल निर्यात पर जो छूट पहले से मिल रही थी, उसका दायरा अब बढ़ा दिया गया है। 1 जुलाई से मॉरीशस और मालदीव को किए जाने वाले एक्सपोर्ट पर भी यह विशेष छूट लागू होगी।