सोने और चांदी के खरीदारों और निवेशकों के लिए यह हफ्ता राहत की बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर लेकर आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते समीकरणों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बाद सराफा बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली है। इस हफ्ते सोने की कीमतों में जहां ₹5,228 की भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी तो रिकॉर्ड स्तर पर धराशायी हो गई है। पिछले महज 5 दिनों के भीतर चांदी का रेट ₹20,092 तक लुढ़क गया है। आइए, जानते हैं कि इस बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार का क्या हाल है।
5228 रुपये सस्ता हुआ सोना

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लगातार आसमान छू रही सोने की कीमतों पर इस हफ्ते तगड़ा ब्रेक लगा है और इसमें बड़ी गिरावट आई है। इस कारोबारी हफ्ते में सोने के हाजिर भाव में प्रति 10 ग्राम ₹5,228 की भारी कमी देखने को मिली है। शादी-ब्याह के सीजन और घरेलू बजट को देखते हुए यह गिरावट उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो लंबे समय से सोना खरीदने की योजना बना रहे थे।
चांदी में आया महा-क्रैश! 5 दिनों में ₹20,092 की ऐतिहासिक मंदी

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सोने से भी कहीं ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े चांदी के बाजार से सामने आए हैं, जहां निवेशकों में मुनाफावसूली की होड़ मच गई। पिछले महज 5 कामकाजी दिनों के भीतर चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम ₹20,092 तक नीचे आ गई है। जानकारों का कहना है कि चांदी के इतिहास में इतने कम समय में यह अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली गिरावट में से एक है।
क्यों आई सोने-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट?

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सराफा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, इस महा-गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट (विशेषकर ईरान और अमेरिका) के बीच शांति समझौता होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता कम हुई है, जिससे निवेशकों ने सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति से पैसा निकालना शुरू कर दिया। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और शेयर बाजार में आई हलचल के कारण भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा और कीमतें तेजी से नीचे आईं।
क्या यह सोना-चांदी खरीदने का सही समय है? एक्सपर्ट्स की राय

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कीमतों में आई इस भारी गिरावट के बाद अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या उन्हें अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद बाजार में एक अच्छा सुधार (Correction) आया है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए यह एंट्री करने का एक शानदार मौका हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए टुकड़ों में (SIP मोड में) खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद होगा।
गहने खरीदने से पहले नोट कर लें ये जरूरी बातें

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जब भी आप इस गिरावट का फायदा उठाने बाजार जाएं, तो बिल बनवाते समय इन नियमों का ध्यान जरूर रखें। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाने वाले रेट्स बेस प्राइस होते हैं। इनमें 3% जीएसटी (GST) शामिल नहीं होता है। जब आप शोरूम (जैसे तनिष्क या मालाबार) से गहने खरीदते हैं, तो सोने के भाव के ऊपर मेकिंग चार्जेस और हॉलमार्किंग का शुल्क अलग से जोड़ा जाता है, जिससे आपके शहर का फाइनल रेट थोड़ा बदल सकता है।