
1 / 7
उत्तर प्रदेश की रफ्तार को एक नई उड़ान मिलने जा रही है। मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब मिनटों की बात लगने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अप्रैल को प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे।
मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 6 घंटे में

2 / 7
यूपी के विकास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इसका लोकार्पण करेंगे, जिसके बाद मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर 12 घंटे से घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाएगा।
रफ्तार का नया रिकॉर्ड: 120 किमी/घंटा की टॉप स्पीड और 8 लेन तक विस्तार की क्षमता

3 / 7
यह एक्सप्रेसवे फिलहाल 6 लेन का है, लेकिन इसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। मेरठ से शुरू होकर यह प्रयागराज तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इन 12 जिलों की बदलेगी किस्मत: 500 से अधिक गांवों को सीधा लाभ

4 / 7
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 महत्वपूर्ण जिलों— मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इस रूट पर पड़ने वाले 500 से अधिक गांवों में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना: नदियों पर बने अत्याधुनिक और लंबे पुल

5 / 7
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया गया है। गंगा नदी पर करीब 960 मीटर लंबा और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा विशाल पुल बनाया गया है। इन पुलों को बाढ़ के पैटर्न और जल प्रवाह को ध्यान में रखकर बेहद मजबूती से तैयार किया गया है।
सफर होगा आरामदायक: फ्यूल स्टेशन से लेकर फूड कोर्ट तक की सुविधाएं

6 / 7
यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे रूट पर 9 पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। यहाँ फ्यूल स्टेशन, शानदार फूड कोर्ट, रेस्ट एरिया और स्वच्छता की हाई-टेक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, प्रवेश और निकास के लिए मेरठ-प्रयागराज में मुख्य टोल के अलावा 19 रैंप टोल प्लाजा बनाए गए हैं।
एक्सप्रेसवे प्रदेश बना यूपी: देश के कुल नेटवर्क में 60% हिस्सेदारी

7 / 7
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के साथ ही देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत हो जाएगी। यह न केवल ट्रेड और इंडस्ट्री को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी पूर्वी और पश्चिमी यूपी को आपस में जोड़कर नई क्रांति लाएगा।