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8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने सरकार के सामने वेतन और भत्तों में भारी बढ़ोतरी की मांग रखी है। अगर ये मांगें मानी जाती हैं, तो कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा।
होगा 72000 न्यूनतम वेतन?

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8वें वेतन आयोग के गठन के बीच कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें तेज कर दी हैं। BPMS ने मांग की है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) वर्तमान के ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹72,000 किया जाना चाहिए।
फिटमेंट फैक्टर में 4 गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव

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सैलरी कैलकुलेशन के लिए सबसे अहम 'फिटमेंट फैक्टर' को लेकर बड़ी मांग की गई है। संघ चाहता है कि इसे मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 4 गुना किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त इजाफा होगा।
सालाना इंक्रीमेंट पर बड़ा दांव: 3% नहीं अब 6%!

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आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों को साल में 3% की वार्षिक वेतन वृद्धि मिलती है। लेकिन BPMS ने सुझाव दिया है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे 6% सालाना किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों की 'परचेजिंग पावर' यानी खरीदारी की क्षमता बनी रहेगी।
पेंशनभोगियों के लिए भी खुशखबरी: 65 साल से बढ़ेगी पेंशन!

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मांग पत्र में सिर्फ कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग पेंशनभोगियों का भी ख्याल रखा गया है। संघ ने मांग की है कि अतिरिक्त पेंशन का लाभ 80 साल के बजाय 65 साल की उम्र से ही मिलना शुरू हो जाना चाहिए। इसमें 65, 70 और 75 साल की उम्र पर अलग-अलग स्लैब में बढ़ोतरी का सुझाव है।
पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली का मुद्दा फिर गरमाया

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8वें वेतन आयोग के ज्ञापन में नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया है। कर्मचारियों का तर्क है कि बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए ओपीएस ही सबसे बेहतर विकल्प है।
भत्तों (Allowances) का नया ढांचा: HRA और DA में होगा बदलाव?

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बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों के रिविजन की भी मांग की गई है। संघ का कहना है कि वेतन आयोग को ऐसी सिफारिशें करनी चाहिए जिससे कर्मचारियों का जीवन स्तर निजी क्षेत्र के समकक्ष आ सके।