भीषण गर्मी सिर्फ लोगों के लिए ही नहीं, कारों के लिए भी बड़ी परेशानी बन जाती है. खासकर मई-जून में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टायर फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह टायरों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव और गर्म सड़कें होती हैं. लंबे सफर में कई लोग समय बचाने के लिए लगातार तेज रफ्तार में ड्राइव करते हैं. लेकिन गर्मियों में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे ज्यादा की स्पीड टायरों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है. इससे टायर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है.
सड़क और टायर के घर्षण से बढ़ती है गर्मी

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जब कार बहुत तेज चलती है, तो टायर और सड़क के बीच घर्षण काफी बढ़ जाता है. दोपहर की गर्म सड़कें पहले से ही बेहद तप रही होती हैं, ऐसे में टायर ज्यादा गर्म होकर कमजोर पड़ सकते हैं. लगातार हाई स्पीड में ड्राइविंग करने पर टायर के अंदर की हवा गर्म होकर फैलने लगती है. इससे टायर के अंदर प्रेशर अचानक बढ़ जाता है. अगर टायर पुराने या घिसे हुए हों, तो वे इस दबाव को सहन नहीं कर पाते और ब्लास्ट हो सकते हैं.
गलत टायर प्रेशर से हो सकती है परेशानी

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कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा हवा भरवाने से कार बेहतर चलेगी, लेकिन गर्मियों में ओवर प्रेशर खतरनाक साबित हो सकता है. हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए सही PSI के अनुसार ही हवा भरवानी चाहिए.
पुराने टायर को नजरअंदाज न करें

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अगर कार के टायर घिस चुके हैं या उनकी ग्रिप कमजोर हो गई है, तो उन्हें तुरंत बदलवा लेना चाहिए. पुराने टायर गर्मी में जल्दी फट सकते हैं और हादसे का कारण बन सकते हैं.
सफर से पहले जरूरी चेकअप

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लंबी यात्रा पर निकलने से पहले टायर, व्हील अलाइनमेंट और ब्रेक सिस्टम की जांच जरूर करवानी चाहिए. सही समय पर सर्विसिंग कई बड़े हादसों को टाल सकती है.
टायरों को भी चाहिए ‘कूलिंग ब्रेक’

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अगर लंबा सफर तय कर रहे हैं, तो बीच-बीच में कार रोककर थोड़ा ब्रेक लेना जरूरी है. इससे इंजन के साथ-साथ टायरों को भी ठंडा होने का समय मिलता है और टायर ब्लास्ट का खतरा कम हो जाता है.