चलती कार में जिंदा जले 4 लोग, भीषण गर्मी में ड्राइविंग के समय भूलकर भी न करें ये गलती, ऐसे बचाएं अपनी जान
अजमेर में कार में लगी आग ने एक ही परिवार के 4 लोगों की जान ले ली। यह हादसा हर कार मालिक के लिए बड़ा अलर्ट है। जानिए गर्मियों में कार में आग क्यों लगती है, कौन सी गलतियां बनती हैं जानलेवा और कैसे कुछ आसान सेफ्टी टिप्स आपकी जान बचा सकते हैं।

राजस्थान के अजमेर जिले के अरांई क्षेत्र से बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. बोराड़ा के पूर्व सरपंच और वर्तमान जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान रामसिंह चौधरी के परिवार की कार में अचानक आग लग गई. हादसे में पूर्व सरपंच, उनकी मां समेत परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया. (AI Genarted image)
गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं कार में आग लगने के मामले?
2 / 10भीषण गर्मी के दिनों में कार के इंजन का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसे में गाड़ी में की गई गलत वायरिंग या लोकल एक्सेसरीज बड़ा खतरा बन सकती हैं. बाहर से लगवाई गई सस्ती लाइट, हॉर्न या इलेक्ट्रॉनिक फिटिंग कई बार शॉर्ट सर्किट की वजह बन जाती है.
लोकल मॉडिफिकेशन बन सकते हैं खतरा
3 / 10कार कंपनियां गाड़ियों को तय सुरक्षा मानकों के हिसाब से तैयार करती हैं. लेकिन कई लोग लोकल मैकेनिक से वायर कटिंग करवाकर एक्स्ट्रा एक्सेसरीज लगवा लेते हैं. गर्मी में ये वायर ओवरहीट होकर आग पकड़ सकते हैं. इसके अलावा खराब क्वालिटी की CNG किट भी बड़ा रिस्क साबित हो सकती है.
CNG किट में गैस लीकेज का बढ़ जाता है खतरा
4 / 10गर्मी के मौसम में CNG किट में गैस लीकेज का खतरा बढ़ जाता है. अगर किट नकली या घटिया क्वालिटी की हो तो हादसे की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में हमेशा प्रमाणित और कंपनी अप्रूव्ड किट ही इस्तेमाल करनी चाहिए. ये भी पढे़ं-आपकी कार क्यों पी रही है ज्यादा पेट्रोल? ड्राइविंग में कर रहे ये बड़ी गलतियां
सर्विसिंग के दौरान इन चीजों की जांच जरूरी
5 / 10गर्मियों में कार की समय पर सर्विसिंग करवाना बेहद जरूरी है. सर्विस सेंटर में इंजन ऑयल, कूलेंट और इलेक्ट्रिकल वायरिंग की अच्छे से जांच करवानी चाहिए. कूलेंट कम होने से इंजन तेजी से ओवरहीट हो सकता है, जो आग लगने की बड़ी वजह बनता है.
कार में भूलकर भी न छोड़ें ये सामान
6 / 10चिलचिलाती धूप में बंद कार के अंदर तापमान 60 से 70 डिग्री तक पहुंच सकता है. ऐसे में कार के अंदर लाइटर, पावर बैंक, सैनिटाइजर, डिओडोरेंट स्प्रे या गैस वाली कोई भी बोतल छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है. ज्यादा गर्मी में इनमें ब्लास्ट होने का खतरा रहता है. ये भी पढे़ं- Rapido-Uber पर बाइक कैसे चलाए, इस पर कितनी होती है कमाई? जानिए बाइक टैक्सी जॉब शुरू करने से पहले जरूरी बातें
हर कार में जरूर रखें फायर एक्सटिंग्विशर
7 / 10सुरक्षा के लिए कार में छोटा फायर एक्सटिंग्विशर जरूर होना चाहिए. अगर शुरुआती धुआं दिखे तो आग को तुरंत कंट्रोल किया जा सकता है. इसके अलावा कार में सेफ्टी हैमर या सीटबेल्ट कटर रखना भी बेहद जरूरी माना जाता है.
शॉर्ट सर्किट के बाद लॉक हो सकते हैं दरवाजे
8 / 10जब कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होता है तो सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम जाम हो सकता है. कई बार पावर विंडो भी काम करना बंद कर देती हैं. ऐसी स्थिति में दरवाजे अंदर से नहीं खुलते. सेफ्टी हैमर की मदद से शीशा तोड़कर बाहर निकला जा सकता है. ये भी पढे़ं-सावधान! दिल्ली में ये ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अब चालान के साथ FIR भी
अगर कार में आग लग जाए तो क्या करें?
9 / 10अगर चलती कार में अचानक धुआं या आग दिखे तो सबसे पहले गाड़ी को सुरक्षित जगह रोकें और इंजन तुरंत बंद कर दें. इससे बिजली और फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है और आग फैलने की रफ्तार कम हो सकती है.
तुरंत बाहर निकलें और दूरी बनाएं
10 / 10आग लगते ही कार में बैठे सभी लोगों को तुरंत बाहर निकालें. अगर दरवाजे लॉक हो जाएं तो खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करें. बाहर आने के बाद कार से कम से कम 50 फीट दूर खड़े हों और तुरंत फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस को कॉल करें.



















