गर्मियों में EV की रेंज क्या घट जाती है? जानिए वो टिप्स जो बढ़ा सकते हैं इलेक्ट्रिक कार की परफॉर्मेंस

गर्मियां शुरू हो चुकी हैं और ऐसे में चिलचिलाती धूप में गाड़ियां किसी भट्ठी की तरह गरम हो जाती है. अक्सर गर्मी की वजह से कई गाड़ियों के पेंट और इंटरनल पार्ट्स खराब हो जाते हैं, लकिन क्या इलेक्ट्रिक कार की बैटरी या रेंज पर भी गर्मी का कुछ असर पड़ता है?

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सीधी धूप में कार न खड़ी करें

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गर्मियों में इलेक्ट्रिक कार को सीधी धूप में लंबे समय तक खड़ा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से गाड़ी का अंदरूनी तापमान तेजी से बढ़ जाता है. इसका सीधा असर बैटरी पैक पर पड़ता है, जिससे उसकी केमिकल क्षमता धीरे‑धीरे कम हो सकती है. जब भी संभव हो, कार को छाया वाली जगह पर या कवर पार्किंग में खड़ा करना चाहिए, ताकि बैटरी और इंटीरियर दोनों अपेक्षाकृत ठंडे रह सकें.

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छाया या कवर्ड पार्किंग

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कई शहरी पार्किंग स्थलों पर छाया वाले एरिया या ऊपर से कवर वाली जगहें उपलब्ध होती हैं, जिन्हें इलेक्ट्रिक कार चालकों को प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे सीधी धूप से सीटें, डैशबोर्ड और बैटरी पैक कम गर्म होते हैं, जिससे रेंज पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. इस तरह की आदत से न सिर्फ सफर के दौरान एयर कंडीशनिंग की जरूरत कम होती है, बल्कि बैटरी की लंबी उम्र भी बनी रहती है.

फास्ट चार्जिंग का कम इस्तेमाल

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गर्मियों में बार‑बार फास्ट चार्जर का इस्तेमाल बैटरी के लिए अच्छा नहीं माना जाता, क्योंकि इससे बैटरी केल्विन तापमान में तेजी से उछाल आता है. ज्यादा गर्म होने की वजह से बैटरी केल्विन लाइफ घट सकती है और रेंज भी प्रभावित हो सकती है. जब तक जरूरी न हो, सामान्य AC या घरेलू चार्जर का ही इस्तेमाल करना बेहतर होता है, यह तरीका थोड़ा समय ले ले लेकिन लंबी अवधि में बैटरी के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

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100% तक चार्ज न करें EV

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कई यूजर 100% तक चार्ज करने की आदत रखते हैं, लेकिन गर्मियों में इससे बैटरी पर ज्यादा स्ट्रेस बढ़ जाता है और उसकी लाइफ घट सकती है. ज्यादातर ओरिजिनल इलेक्ट्रिक कार ब्रांड्स भी गर्म मौसम में बैटरी को लगभग 10% से 80% के बीच रखने की सलाह देते हैं. इस रेंज में रखने से बैटरी क्षमता संतुलित बनी रहती है और रेंज के साथ‑साथ लंबी उम्र भी बनी रहती है.

रात या सुबह के समय करें चार्ज

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गर्म दोपहर या शाम की तुलना में रात या सुबह के समय तापमान कम रहता है, जिससे चार्जिंग के दौरान बैटरी जल्दी ओवरहीट नहीं होती. इन समय में चार्ज करने से बैटरी टेम्परेचर नियंत्रण में रहता है, जिससे रेंज और बैटरी लाइफ दोनों को सकारात्मक असर मिलता है. इसके अलावा रात के समय चार्ज करने से बिजली बिल पर भी कुछ कम दबाव पड़ सकता है, खासकर वहां जहां टाइम‑ऑफ–टेप टैरिफ लागू होते हैं.

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स्मूद या बैलेंस्ड ड्राइविंग

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तेज स्प्रिंट और अचानक ब्रेक लगाना इलेक्ट्रिक कार की रेंज को तेजी से कम कर सकता है, क्योंकि ऐसी ड्राइविंग में बैटरी से ज्यादा करंट खींचा जाता है. इसके बजाय धीरे‑धीरे स्पीड बढ़ाना, ट्रैफिक के हिसाब से पहले से प्लानिंग करना और जरूरत के हिसाब से ब्रेक यूज करना बैटरी की खपत को कम रखता है. यह तरीका ईंधन‑कुशल ड्राइविंग जैसा ही है, लेकिन बिजली की खपत पर आधारित.

रीजनरेटिव ब्रेकिंग का पूरा फायदा उठाएं

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आजकल ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारों में रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगा होता है, जो गाड़ी को धीमा करने के समय उत्पन्न ऊर्जा को बैटरी में फिर से चार्ज कर देता है. अगर ड्राइवर ज्यादा तेज ब्रेक लगाने की बजाय धीरे‑धीरे स्पीड कम करते हैं, तो रीजनरेटिव ब्रेकिंग मैक्सिमम लाभ देता है, जिससे प्रति 100 किमी या प्रति चार्ज रेंज में हल्का लेकिन स्थिर इजाफा देखने में आ सकता है.

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टायर प्रेशर और वेंटिलेशन का ध्यान

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टायर प्रेशर का सही स्तर बनाए रखने से रोलिंग रेजिस्टेंस और इलेक्ट्रिक मोटर पर लगने वाला भार कम रहता है, जिससे बैटरी की खपत भी थोड़ी सुधरती है. गर्मियों में टायर के अंदर की गर्मी बढ़ने की वजह से ओवरइन्फ्लेशन या अंडरइन्फ्लेशन दोनों परिस्थितियों से बचना जरूरी है. इसी तरह सफर से पहले या बाद में कार के विंडो और वेंटिलेशन सिस्टम को चालू रखने से केबिन का तापमान जल्दी नहीं बढ़ता, जिससे एयर कंडीशनिंग का भार और रेंज दोनों पर अच्छा असर पड़ता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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