कार में ये बदलाव किए तो कानूनी झंझट में फंस सकते हैं आप! जानें क्या-क्या मॉडिफाई कराना है लीगल?

क्या आप भी अपनी कार को मॉडिफाई करने का सोच रहे हैं? जरा रुकिए. हर बदलाव लीगल नहीं होता. गलत मॉडिफिकेशन आपको भारी जुर्माना और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने की परेशानी में डाल सकता है. जानिए क्या सही है और क्या गलत और इसके क्या है नियम.

Car Modification
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Car modifications guidelines

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मॉडिफिकेशन से पहले नियम समझना जरूरी

मॉडिफिकेशन से पहले नियम समझना जरूरी2 / 10

कार में कोई भी बदलाव करने से पहले आरटीओ के नियमों को जानना बेहद जरूरी है. बिना अनुमति या तय सीमा से बाहर किया गया मॉडिफिकेशन गैर-कानूनी माना जाता है और इस पर कार्रवाई हो सकती है.

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इंटीरियर में बदलाव पूरी तरह सुरक्षित

इंटीरियर में बदलाव पूरी तरह सुरक्षित3 / 10

आप अपनी कार के अंदर कई बदलाव कर सकते हैं, जैसे सीट कवर बदलना, नया म्यूजिक सिस्टम लगाना या डैशबोर्ड की फिनिश बदलना. ये सभी मॉडिफिकेशन कानूनी दायरे में आते हैं.

कार का रंग बदल सकते हैं, लेकिन शर्तों के साथ

कार का रंग बदल सकते हैं, लेकिन शर्तों के साथ4 / 10

अगर आप अपनी कार का रंग बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए पहले आरटीओ से अनुमति लेना जरूरी है. इसके बाद नई जानकारी को आरसी में अपडेट कराना भी अनिवार्य होता है.

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एलॉय व्हील्स और एक्सेसरीज का इस्तेमाल

एलॉय व्हील्स और एक्सेसरीज का इस्तेमाल5 / 10

कार में एलॉय व्हील्स लगाना लीगल है, लेकिन उनका साइज कंपनी के मानकों के अनुसार होना चाहिए. इसके अलावा, रूफ रेल, डोर प्रोटेक्टर और वाइजर जैसी छोटी एक्सेसरीज भी लगाई जा सकती हैं.

CNG किट लगवाने के नियम

CNG किट लगवाने के नियम6 / 10

पेट्रोल कार में अप्रूव्ड CNG किट लगवाना मान्य है. लेकिन इसे इंस्टॉल करवाने के बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन पेपर में अपडेट कराना जरूरी होता है.

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इन बदलावों से रहें दूर

इन बदलावों से रहें दूर7 / 10

कार में तेज आवाज वाले आफ्टरमार्केट साइलेंसर लगवाना या शीशों पर ज्यादा काली फिल्म चढ़ाना कानून के खिलाफ है. ऐसे बदलावों पर भारी चालान हो सकता है.

गाड़ी के स्ट्रक्चर में बदलाव है गैर-कानूनी

गाड़ी के स्ट्रक्चर में बदलाव है गैर-कानूनी8 / 10

कार की छत काटना, चेसिस में बदलाव करना या गाड़ी का आकार बदलना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इससे वाहन की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है.

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वारंटी और इंश्योरेंस पर असर

वारंटी और इंश्योरेंस पर असर9 / 10

अगर आप कार की वायरिंग या स्ट्रक्चर में छेड़छाड़ करते हैं, तो कंपनी आपकी वारंटी खत्म कर सकती है. वहीं, मॉडिफिकेशन की जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को नहीं देने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.

जिम्मेदारी के साथ करें बदलाव

जिम्मेदारी के साथ करें बदलाव10 / 10

अगर आप कार की वायरिंग या स्ट्रक्चर में छेड़छाड़ करते हैं, तो कंपनी आपकी वारंटी खत्म कर सकती है. वहीं, मॉडिफिकेशन की जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को नहीं देने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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