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गर्मी के मौसम में ड्राइव करते समय एक सवाल अक्सर दिमाग में आता है कार का AC चलाएं या खिड़कियां खोल लें? ज्यादातर लोग मानते हैं कि AC बंद रखने से हमेशा पेट्रोल बचता है, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. असल में फ्यूल बचत इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस स्पीड पर गाड़ी चला रहे हैं और ड्राइविंग कंडीशन कैसी है.
स्पीड तय करती है सही विकल्प

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कार चलाते समय सबसे अहम रोल स्पीड का होता है. अगर आपकी गाड़ी की रफ्तार कम है, तो खिड़कियां खोलना बेहतर रहता है, जबकि तेज स्पीड पर AC ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.
धीमी रफ्तार में ओपन विंडो बेहतर

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शहर के अंदर जब गाड़ी 40- 45 किमी/घंटा या उससे कम स्पीड पर चल रही होती है, तब खिड़कियां खोलकर चलाना ज्यादा सही रहता है. इस स्पीड पर हवा का दबाव कम होता है, जिससे गाड़ी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता.
तेज स्पीड पर AC सही

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जब गाड़ी की स्पीड 50-60 किमी/घंटा से ऊपर चली जाती है, तो खिड़कियां खोलने से हवा का फ्लो बिगड़ता है. इससे गाड़ी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में AC ऑन रखना बेहतर विकल्प होता है.
AC का इंजन पर असर

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कार का AC सीधे इंजन से चलता है और इसे चलाने के लिए 3 से 7 हॉर्सपावर तक की ऊर्जा लगती है. इसकी वजह से फ्यूल खपत बढ़ सकती है और माइलेज करीब 10% से 25% तक कम हो सकता है, खासकर ज्यादा गर्मी में.
ओपन विंडो से एयरोडायनामिक्स पर असर

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खिड़कियां खोलने से इंजन पर सीधा दबाव नहीं पड़ता, लेकिन गाड़ी की एयरोडायनामिक्स जरूर प्रभावित होती है. तेज स्पीड पर हवा का बहाव बिगड़ता है और ड्रैग बढ़ जाता है, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ती है.
शहर और हाईवे में फर्क

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शहर के ट्रैफिक में, जहां स्पीड कम और रुक-रुक कर चलना पड़ता है, वहां खिड़कियां खोलना ज्यादा फ्यूल बचाता है. वहीं हाईवे पर लगातार तेज स्पीड में गाड़ी चलाते समय AC का इस्तेमाल ज्यादा किफायती रहता है.
छोटे फर्क से भी बड़ा असर

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AC और ओपन विंडो के बीच माइलेज का अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता, आमतौर पर 1-2 किमी/लीटर तक का फर्क आता है. लेकिन लंबे समय में यह छोटा अंतर भी फ्यूल खर्च को बढ़ा सकता है, इसलिए सही स्थिति में सही विकल्प चुनना जरूरी है.