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कार में AC चलाकर सोना सही है या गलत? जानें ऐसा करने पर क्या होगा

गर्मियों में अक्सर ड्राइवर कार में एसी चालकर सो जाते हैं. लेकिन ये जानना जरूरी है कि गाड़ी में एसी चलाकर सोना सेफ है या नहीं? आइये जानते हैं कि अगर हमनें कभी ऐसा किया तो क्या हो सकता है.

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कार में एसी चलाकर आराम करना जितना सुखद लगता है, असल में वह उतना ही खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है. पिछले साल नोएडा के सेक्टर 62 के पास एक ऐसी ही डरावनी घटना सामने आई थी जिसने सबको हिलाकर रख दिया था. यहां एक कैब ड्राइवर और उसका दोस्त गाड़ी के अंदर एसी चलाकर सो गए थे, लेकिन वे फिर कभी नहीं जागे. जब ड्राइवर काफी देर तक घर नहीं पहुंचा और परिजनों ने तलाश की, तो गाड़ी के अंदर दोनों मृत पाए गए. पुलिस की शुरुआती जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंद कार में दम घुटने की वजह से दोनों की मौत हो गई. यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे गाड़ी का एसी आपकी जान का दुश्मन बन सकता है.

कार्बन मोनोऑक्साइड का जानलेवा रिसाव

गाड़ी में एसी चलाकर सोने के दौरान सबसे बड़ा खतरा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का होता है. जब गाड़ी का इंजन चालू रहता है, तो उससे जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है. अगर गाड़ी के एग्जॉस्ट सिस्टम में कोई खराबी या लीकेज हो, तो यह गैस एसी वेंट्स के जरिए केबिन के अंदर जमा होने लगती है. यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए सोते हुए व्यक्ति को इसका पता भी नहीं चलता. शरीर के अंदर पहुंचते ही यह गैस ऑक्सीजन की सप्लाई को ब्लॉक कर देती है, जिससे व्यक्ति की सोते-सोते ही मौत हो जाती है. इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी के जान ले लेती है.

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कार के अंदर ऑक्सीजन की कमी और घुटन

एसी चलाकर और शीशे पूरी तरह बंद करके सोने से कार के अंदर हवा का सर्कुलेशन रुक जाता है. जब इंसान सांस लेता है तो वह ऑक्सीजन खींचता है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालता है. बंद कार में धीरे-धीरे ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा जानलेवा हद तक बढ़ जाती है. सोते समय इंसान का शरीर सुस्त रहता है, इसलिए उसे घुटन का तुरंत अहसास नहीं हो पाता. लगातार जहरीली हवा में सांस लेने से दिमाग सुन्न पड़ जाता है और व्यक्ति बेहोशी की हालत में चला जाता है. ऐसी स्थिति में समय पर ताजी हवा न मिलने से दम घुट जाता है जो मौत का कारण बनता है.

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बचाव के तरीके और जरूरी सावधानियां

इस तरह के हादसों से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी बहुत आवश्यक हैं. सबसे पहली बात यह है कि कभी भी खड़ी गाड़ी में एसी या ब्लोअर चलाकर सोने की गलती न करें. अगर किसी मजबूरी में कार के अंदर सोना ही पड़े, तो शीशों को थोड़ा नीचे जरूर कर दें ताकि बाहर की ताजी हवा अंदर आती रहे. अपनी गाड़ी की सर्विसिंग हमेशा समय पर कराएं ताकि इंजन की जहरीली गैस केबिन के अंदर न आ सके. जागरूकता ही इस खतरे से बचने का एकमात्र रास्ता है क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी और आपके अपनों की जिंदगी छीन सकती है. हमेशा याद रखें कि बंद कार एक चैंबर की तरह काम करती है जहाँ ताजी हवा का होना बहुत जरूरी है.

First published on: May 05, 2026 05:11 PM

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About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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