Parenting Tips: माता-पिता की कही बातें बच्चे का दिन बना या बिगाड़ सकती हैं. पैरेंट्स बच्चों के रोल मॉडल्स होते हैं, ऐसे में पैरेंट्स बच्चे से जो कुछ कहते हैं बच्चे उसे पत्थर की लकीर मान लेते हैं. अगर माता-पिता गुस्से में या मजाक में बच्चे को कुछ बुरा कह देते हैं तो यह बात बच्चे के मन में घर कर जाती है और बच्चे के आत्मविश्वास को कम करती जाती है. वहीं, पैरेंट्स की छोटी-छोटी सराहना और प्यार से कही गई बातें बच्चे के कोंफिडेंस Confidence) को बढ़ाती हैं. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे का आत्मविश्वास बढ़े तो बच्चे से रोज ये 5 बातें कहना शुरू कर दीजिए.
बच्चे का कोंफिडेंस बढ़ाने के लिए कहें ये बातें
मैं तुम पर विश्वास करता हूं
अपने बच्चे को बताएं कि आप उसपर विश्वास करते हैं. आपके यह कहने भर से ही बच्चे को खुद पर भरोसा होने लगता है, खुद के लिए बच्चा पॉजीटिव चीजें सोचता है. आप बच्चे को रोजाना यह कहेंगे कि आपको उसपर विश्वास है तो वह सोच-समझकर अपने निर्णय लेता है और आपके विश्वास को बनाए रखने की कोशिश करता है.
गलती होती रहती है, सीखना जरूरी है
बच्चे से कहें कि गलती होना आम है, गलती सभी से होती है लेकिन जरूरी है कि बच्चा अपनी इन गलतियों से सीखे. गलतियों से सीखना ज्यादा जरूरी होता है. अगर बच्चे से कोई गलती हो भी जाती है तो वह इसे अपने दिल पर नहीं लेता और उसका कोंफिडेंस कम नहीं होता है बल्कि बच्चा उतने ही जोश से आगे बढ़ता जाता है.
हर दिन नया मौका देता है
बच्चे को यह समझाना और बताना जरूरी है कि हर दिन एक नया मौका देता है. अगर वह किसी बात से निराश है और घबराया हुआ रहता है तो उसे बताएं कि वह हर नए दिन के साथ नई शुरुआत कर सकता है.
तुम मेरे लिए काफी हो
बच्चों को अक्सर ही लगता है कि बाकी सभी बच्चे उनसे ज्यादा बेहतर है या दूसरे बच्चे ज्यादा समझदार और सुंदर हैं. ऐसे में बच्चे को यह बताना कि वह जो है काफी है, वह बेस्ट है और कोई और बच्चा उसकी तरह नहीं हो सकता, बेहद जरूरी है. इससे बच्चे का कोंफिडेंस बूस्ट (Confidence Boost) होता है.
मुझे गर्व है तुमपर
बच्चे के लिए अपने माता-पिता की शाबाशी से ज्यादा शायद ही कुछ मायने रखता है. ऐसे में बच्चे को यह बताना कि आप उसपर गर्व करते हैं उसके लिए कोंफिडेंस बूस्टर साबित होता है. बच्चा अगर हार भी जाता है तो आप उसे यह कह सकते हैं कि मुझे गर्व है कि तुमने कोशिश की.
आपकी ये छोटी-छोटी बातें बच्चे पर बड़ा प्रभाव डालती हैं और बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित होती हैं. ऐसे में आप भी रोजाना बच्चे से ये बातें कहने की आदत डाल सकते हैं.
यह भी पढ़ें -बच्चे को किस उम्र से ब्रश करवाना शुरू कर देना चाहिए? पीडियाट्रिशियन ने दिया सटीक जवाब
Parenting Tips: माता-पिता की कही बातें बच्चे का दिन बना या बिगाड़ सकती हैं. पैरेंट्स बच्चों के रोल मॉडल्स होते हैं, ऐसे में पैरेंट्स बच्चे से जो कुछ कहते हैं बच्चे उसे पत्थर की लकीर मान लेते हैं. अगर माता-पिता गुस्से में या मजाक में बच्चे को कुछ बुरा कह देते हैं तो यह बात बच्चे के मन में घर कर जाती है और बच्चे के आत्मविश्वास को कम करती जाती है. वहीं, पैरेंट्स की छोटी-छोटी सराहना और प्यार से कही गई बातें बच्चे के कोंफिडेंस Confidence) को बढ़ाती हैं. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे का आत्मविश्वास बढ़े तो बच्चे से रोज ये 5 बातें कहना शुरू कर दीजिए.
बच्चे का कोंफिडेंस बढ़ाने के लिए कहें ये बातें
मैं तुम पर विश्वास करता हूं
अपने बच्चे को बताएं कि आप उसपर विश्वास करते हैं. आपके यह कहने भर से ही बच्चे को खुद पर भरोसा होने लगता है, खुद के लिए बच्चा पॉजीटिव चीजें सोचता है. आप बच्चे को रोजाना यह कहेंगे कि आपको उसपर विश्वास है तो वह सोच-समझकर अपने निर्णय लेता है और आपके विश्वास को बनाए रखने की कोशिश करता है.
गलती होती रहती है, सीखना जरूरी है
बच्चे से कहें कि गलती होना आम है, गलती सभी से होती है लेकिन जरूरी है कि बच्चा अपनी इन गलतियों से सीखे. गलतियों से सीखना ज्यादा जरूरी होता है. अगर बच्चे से कोई गलती हो भी जाती है तो वह इसे अपने दिल पर नहीं लेता और उसका कोंफिडेंस कम नहीं होता है बल्कि बच्चा उतने ही जोश से आगे बढ़ता जाता है.
हर दिन नया मौका देता है
बच्चे को यह समझाना और बताना जरूरी है कि हर दिन एक नया मौका देता है. अगर वह किसी बात से निराश है और घबराया हुआ रहता है तो उसे बताएं कि वह हर नए दिन के साथ नई शुरुआत कर सकता है.
तुम मेरे लिए काफी हो
बच्चों को अक्सर ही लगता है कि बाकी सभी बच्चे उनसे ज्यादा बेहतर है या दूसरे बच्चे ज्यादा समझदार और सुंदर हैं. ऐसे में बच्चे को यह बताना कि वह जो है काफी है, वह बेस्ट है और कोई और बच्चा उसकी तरह नहीं हो सकता, बेहद जरूरी है. इससे बच्चे का कोंफिडेंस बूस्ट (Confidence Boost) होता है.
मुझे गर्व है तुमपर
बच्चे के लिए अपने माता-पिता की शाबाशी से ज्यादा शायद ही कुछ मायने रखता है. ऐसे में बच्चे को यह बताना कि आप उसपर गर्व करते हैं उसके लिए कोंफिडेंस बूस्टर साबित होता है. बच्चा अगर हार भी जाता है तो आप उसे यह कह सकते हैं कि मुझे गर्व है कि तुमने कोशिश की.
आपकी ये छोटी-छोटी बातें बच्चे पर बड़ा प्रभाव डालती हैं और बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित होती हैं. ऐसे में आप भी रोजाना बच्चे से ये बातें कहने की आदत डाल सकते हैं.
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