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Who is Sarabjit Kaur convert to Islam:पाकिस्तान यात्रा के दौरान लापता हुईं सरबजीत कौर उर्फ बेगम नूर हुसैन ने अपने प्यार को पाने के लिए शातिर प्लानिंग रची और तमाम जांच एजेंसियों को मूर्ख बना दिया. सरबजीत कौर गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थलों की यात्रा पर पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल थीं. जत्थे के 1932 श्रद्धालुओं में से 1922 वापस आ चुके हैं, पर सरबजीत कौर अभी भी लापता हैं. अब जानकारी मिली है कि वो पाकिस्तान के शेखुपुरा में निकाह करवा बेगम नूर हुसैन बन चुकी है. उसके निकाह को लेकर भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसे खुद कहते सुना गया कि वो इससे प्यार करती है और बिना किसी दवाब के मुस्लिम धर्म अपना चुकी है
जालंधर पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुए पासपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत कौर कपूरथला जिले के गांव अमानिपुर में रहने वाली हैं. यही पता पासपोर्ट में दर्ज है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पासपोर्ट बनवाते समय उन्होंने कौन‑से दस्तावेज़ पेश किए, पुलिस क्लियरेंस रिपोर्ट कहां से मिली और क्या वह दस्तावेज़ असली थे या फर्जी. उसके परिवार में उसके पुत्र अनुसार उनके माता‑पिता का तलाक हो चुका था, इसलिए वह लंबे समय से परिवार के साथ नहीं रह रही थीं. उनके पुत्र ने बताया कि वह अलग रह रही थीं. कपूरथला के सिटी थाने में दो अलग‑अलग धाराओं के तहत दो मामले दर्ज हैं जिला बठिंडा पुलिस ने भी एक मामला दर्ज किया है. सूत्रों के अनुसार इन मामलों में वह अदालत से बरी हो चुकी थीं.
सरबजीत का अपने पति करनैल से तलाक हो चुका है और दो बार पहले भी पाकिस्तान जा चुकी थी और पिछले करीब 9 साल से उसका पाकिस्तानी युवक से प्रेम चल रहा था जबकि इसकी आयु 48 वर्ष है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पाकिस्तान इमिग्रेशन फॉर्म में उन्होंने अपना नाम, राष्ट्रीयता या पासपोर्ट नंबर नहीं लिखा था, जिससे जानकारी अधूरी रह गई. पुलिस ने कहा है कि जाँच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएँगे, उन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा. आगे की कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है.
सुल्तानपुर के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर की फाइल पर एसजीपीसी सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही ने विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले गुरुद्वारा श्री बेर साहब में श्रद्धालुओं से दस्तावेज़ मांगे गये थे. उसी क्रम में सरबजीत कौर ने अपना पासपोर्ट जमा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास कभी भी सरबजीत कौर के करतारपुर कॉरिडोर जाने का कोई आवेदन नहीं आया.
सरबजीत कौर की गैरहाज़िरी का पता चलते ही बीबी गुरप्रीत ने नंबरदार और गुरुद्वारा के रिकॉर्ड कीपर के साथ उनके घर जांच की. उनके बेटों ने बताया कि मां से उनका संबंध नहीं है और वे पाकिस्तान से वापस नहीं आईं. बीबी गुरप्रीत ने कहा कि उनका काम सिर्फ यह देखना है कि यात्री सिख धर्म के प्रति समर्पित और गांव का स्थायी निवासी हो. आपराधिक रिकॉर्ड या अन्य पृष्ठभूमि की जांच पंजाब व भारत सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी वर्तमान में यात्रियों की पृष्ठभूमि की जांच नहीं करता और अभी तक उनके पास अकेली महिला या तलाकशुदा और विधवा के संबंध में मनाही को लेकर कोई निर्देश नहीं है
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