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केमिकल नहीं! दादी-नानी के ये 5 देसी तरीके बनाते थे कच्चे आम को रसदार, क्या आप जानते हैं?

Traditional Mango Ripening Methods: दादी-नानी के ये देसी तरीके आज भी उतने ही कारगर हैं जितने पहले थे. अगर आप भी शुद्ध, मीठे और रसदार आम खाना चाहते हैं तो इन तरीकों को अपना सकते हैं. इन टिप्स की मदद से आपको घर पर ही रसदार आम आसानी से मिल जाएंगे. 

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Aam Ko Kaise Pakate Hain: आजकल बाजार में मिलने वाले आम जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. पहले के समय में दादी-नानी बिना किसी केमिकल के आम को प्राकृतिक तरीके से पकाती थीं. इन तरीकों से आम ना सिर्फ सेफ होते थे, बल्कि ज्यादा मीठे और रसदार भी बनते थे. आइए इस लेख में ऐसे ही 5 देसी तरीके जानते हैं, जिन्हें आप अपना सकते हैं. हालांकि, आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, लेकिन रिजल्ट बहुत ही अच्छा मिलेगा.

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आम को पकाने के 5 पारंपरिक तरीके  

भूसे में दबाकर पकाना- यह सबसे पुराना और लोकप्रिय तरीका है. कच्चे आमों को सूखे भूसे या पराली में दबाकर रखा जाता था. इसकी गर्मी से आम धीरे-धीरे पकने लगते हैं और मिठास पैदा हो जाती है.
गेहूं या चावल के ढेर में रखना- कई घरों में आम को गेहूं या चावल के बोरों में दबाकर रखा जाता था. अनाज की हल्की हल्की गर्मी की वजह से आम पकने लगते हैं और अंदर से मिठास अच्छी होने लगती है.
मिट्टी के बर्तन में रखना- कच्चे आमों को मिट्टी के मटके में रखकर ढक दिया जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि मटका अंदर की नमी और तापमान को संतुलित करने का काम करता है. इससे आम धीरे-धीरे मुलायम होने लगते हैं.  
आम के लिए सही जगह- आम को सीधे धूप में ना रखें, क्योंकि इसे पकने के लिए हल्की धूप या छांव चाहिए होती है. इससे आम के अंदर का संतुलन बना रहता है, जो यकीनन स्वाद को बेहतर बनाता है.  
कपड़े या टोकरी में ढककर रखना- आम को टोकरी में रखकर सूती कपड़े से ढक दिया जाता था. कपड़ा गर्मी को बनाए रखता है और हवा का संतुलन बना रहता है और आम जल्दी पकने लगते हैं. आप भी इस ट्रिक को अपना सकते हैं. 

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First published on: Apr 30, 2026 09:29 AM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर (Senior Sub Editor) हैं. दिल्ली की रहने वाली शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. शादमा मुस्कान का कुल अनुभव  कुल अनुभव - 5 साल डिग्री- शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से बीजेएमसी (BJMC) और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई भी की है. पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की। इसके बाद हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया के हरजिंदगी में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. तहजीब टीवी में भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम की बेसिक समझ हासिल की. अब ज्यादा फोकस हेल्थ और लाइफस्टाइल की बीट पर है. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर गाइड के विषय में भी विशेषज्ञों से बातचीत के साथ विस्तृत लेखन में महारत हासिल है.

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