मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं किया गया है. यह रास्ता केवल दुश्मन देशों, उनके सहयोगियों और हमला करने वाले जहाजों के लिए बंद है. बाकी सभी देशों के लिए यातायात सामान्य रूप से जारी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट युद्ध अपने तीसरे हफ्ते में है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. ईरान का यह रुख दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए है, लेकिन भारत जैसे देशों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा रही है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन सिर्फ दुश्मनों (मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल) के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद. ईरान ने भरोसा दिलाया कि युद्ध में आम नागरिकों और गैर-निशाना इलाकों को बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी. अगर ईरान की ऊर्जा सुविधाओं (तेल डिपो, पावर प्लांट आदि) पर हमला हुआ, तो पहले से कहीं ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा.
UAE के बंदरगाहों पर बढ़ता खतरा
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी दी है. इनमें दुबई की जेबेल अली बंदरगाह, अबू धाबी की खलीफा बंदरगाह और फुजैरा बंदरगाह शामिल हैं. ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन बंदरगाहों और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खारग द्वीप पर हमले के लिए कर रहा है. ऐसे में इन इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है. ईरान ने लोगों से तुरंत इन क्षेत्रों को खाली करने की अपील की है, जहां दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल व्यापार और हवाई अड्डों से जुड़ा है.
तनाव की ताजा घटनाएं
बगदाद में अमेरिकी दूतावास के हेलीपैड पर मिसाइल हमला किया गया. UAE में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया, जिसका मलबा तेल सुविधा पर गिरा. इन घटनाओं से वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं किया गया है. यह रास्ता केवल दुश्मन देशों, उनके सहयोगियों और हमला करने वाले जहाजों के लिए बंद है. बाकी सभी देशों के लिए यातायात सामान्य रूप से जारी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट युद्ध अपने तीसरे हफ्ते में है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. ईरान का यह रुख दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए है, लेकिन भारत जैसे देशों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा रही है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन सिर्फ दुश्मनों (मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल) के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद. ईरान ने भरोसा दिलाया कि युद्ध में आम नागरिकों और गैर-निशाना इलाकों को बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी. अगर ईरान की ऊर्जा सुविधाओं (तेल डिपो, पावर प्लांट आदि) पर हमला हुआ, तो पहले से कहीं ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा.
UAE के बंदरगाहों पर बढ़ता खतरा
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी दी है. इनमें दुबई की जेबेल अली बंदरगाह, अबू धाबी की खलीफा बंदरगाह और फुजैरा बंदरगाह शामिल हैं. ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन बंदरगाहों और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खारग द्वीप पर हमले के लिए कर रहा है. ऐसे में इन इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है. ईरान ने लोगों से तुरंत इन क्षेत्रों को खाली करने की अपील की है, जहां दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल व्यापार और हवाई अड्डों से जुड़ा है.
तनाव की ताजा घटनाएं
बगदाद में अमेरिकी दूतावास के हेलीपैड पर मिसाइल हमला किया गया. UAE में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया, जिसका मलबा तेल सुविधा पर गिरा. इन घटनाओं से वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.