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‘गर्व है’ एथलीट प्रज्ञानानंदा बने नॉर्वे शतरंज के पहले भारतीय चैंपियन

अडानी स्पोर्ट्सलाइन के गर्व है एथलीट आर प्रज्ञानानंदा ने मैग्नस कार्लसन को हराकर नॉर्वे चेस का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया

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अडानी स्पोर्ट्सलाइन के ‘गर्व है’ एथलीट आर. प्रज्ञानानंदा ने ओस्लो में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. वह नॉर्वे चेस का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए.

20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन, मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश, अलीरेज़ा फिरूज़जा, वेस्ली सो और विन्सेंट कीमर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की. पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कार्लसन को दो बार हराया और गुकेश पर भी एक महत्वपूर्ण क्लासिकल जीत दर्ज की.इसके साथ ही वह शतरंज की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए.

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खिताब की दौड़ में बने रहते हुए प्रज्ञानानंदा ने अंतिम दौर में भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेला और फिर आर्मागेडन टाईब्रेक में जीत हासिल की. अन्य मुकाबलों के परिणामों के साथ इस जीत ने उन्हें अंक तालिका में शीर्ष स्थान दिलाया और भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सुनिश्चित की.

अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने प्रज्ञानानंदा को नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई देते हुए इसे ‘शतरंज की दुनिया में सहनशक्ति, बुद्धिमत्ता और मानसिक संतुलन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक’ बताया.

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उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रज्ञानानंदा की असाधारण प्रतिभा को उनके करियर के शुरुआती दौर में ही पहचान लिया था और अडानी स्पोर्ट्सलाइन की ‘गर्व है’ पहल के माध्यम से उनका समर्थन किया. गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर हराना एक असाधारण उपलब्धि है. उन्होंने युवा ग्रैंडमास्टर की निडरता, एकाग्रता और भारतीय मूल्यों से प्रेरित खेल भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रज्ञानानंदा उभरते और आत्मविश्वासी युवा भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है.

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) के निदेशक प्रणव अडानी ने कहा

‘दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में से एक नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बनकर प्रज्ञानानंदा ने भारतीय शतरंज और भारतीय खेल जगत के लिए गौरवपूर्ण क्षण पैदा किया ह. हमें उन पर और ओस्लो में उनकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व है. वह भारतीय शतरंज और भारतीय खेलों के लिए लगातार नई ऊंचाइयां स्थापित कर रहे हैं। उनकी यात्रा देशभर के लाखों बच्चों और युवाओं को शतरंज अपनाने और अपने सपनों का आत्मविश्वास के साथ पीछा करने के लिए प्रेरित करेगी। हम उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हैं.’

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वर्ष 2013 में स्थापित नॉर्वे चेस को अंतरराष्ट्रीय शतरंज कैलेंडर के सबसे मजबूत और प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में गिना जाता है. भारत की समृद्ध शतरंज विरासत और कई शीर्ष भारतीय ग्रैंडमास्टर्स की भागीदारी के बावजूद, न तो पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और न ही मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश इससे पहले यह खिताब जीत पाए थे। ऐसे में प्रज्ञानानंदा की यह उपलब्धि और भी अधिक महत्वपूर्ण बन जाती है.

उनकी यह जीत ऐसे समय आई है जब भारतीय शतरंज एक स्वर्णिम दौर से गुजर रहा है और नई पीढ़ी के भारतीय ग्रैंडमास्टर्स लगातार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं और उन्हें पराजित भी कर रहे हैं.

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अक्सर ‘शतरंज का विंबलडन’ कहे जाने वाले नॉर्वे चेस में हर साल दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं. इस वर्ष का संस्करण हाल के वर्षों के सबसे मजबूत संस्करणों में से एक माना गया, जिसमें कई विश्व खिताब दावेदार और खेल के सबसे सफल ग्रैंडमास्टर्स शामिल थे.

पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानानंदा ने असाधारण धैर्य, दृढ़ता और संयम का प्रदर्शन किया. उन्होंने हर चुनौती का शानदार जवाब दिया और अंततः खिताब अपने नाम किया.

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कार्लसन के खिलाफ उनकी जीतें विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं. प्रज्ञानानंदा उन चुनिंदा खिलाड़ियों के समूह में शामिल हो गए जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में नॉर्वेजियन दिग्गज को दो बार हराया है. साथ ही वह उन गिने-चुने खिलाड़ियों में भी शामिल हो गए जिन्होंने पांच बार के विश्व चैंपियन कार्लसन के खिलाफ तीन क्लासिकल जीत दर्ज की है.

यह जीत प्रज्ञानानंदा के शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ती है और उन्हें विश्व शतरंज की सबसे प्रतिभाशाली युवा हस्तियों में और अधिक मजबूती से स्थापित करती है. यह भारतीय शतरंज की बढ़ती ताकत और गहराई को भी दर्शाती है, जहां नई पीढ़ी के ग्रैंडमास्टर्स लगातार विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं.

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प्रज्ञानानंदा को अडानी स्पोर्ट्सलाइन की ‘गर्व है’ पहल के तहत समर्थन प्राप्त है। इस पहल का उद्देश्य भारत के उभरते खेल सितारों को वित्तीय सहायता, अंतरराष्ट्रीय अवसर और संरचित मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें भविष्य का चैंपियन बनाना है.

अडानी स्पोर्ट्सलाइन के बारे में

अडानी स्पोर्ट्सलाइन, विविध क्षेत्रों में कार्यरत अडानी समूह की खेल शाखा है. अडानी समूह बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, उपयोगिता सेवाएं, बुनियादी ढांचा, विद्युत उत्पादन एवं संचरण, खनन, हवाई अड्डा संचालन, प्राकृतिक गैस और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है.

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वर्ष 2019 में स्थापित अडानी स्पोर्ट्सलाइन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और भारत के भावी चैंपियनों के लिए विश्वस्तरीय अवसर तैयार करना है. राष्ट्र निर्माण की समूह की सोच के अनुरूप, कंपनी एक ऐसा खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो प्रतिभाओं को निखारे, खेल अर्थव्यवस्था को गति दे और भारत को एक अग्रणी खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में सहयोग प्रदान कर.

First published on: Jun 06, 2026 12:56 PM

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