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ज्ञानी रघबीर सिंह के खुलासे दिल दहलाने वाले: इंदरबीर सिंह निज्जर

Inderbir Singh Nijjar ने Gyani Raghbir Singh के खुलासों को बेहद गंभीर बताते हुए Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee और अकाली दल के प्रबंधन पर सवाल उठाए. उन्होंने जमीन बिक्री, लंगर में कथित अनियमितताओं और गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के गायब होने जैसे मुद्दों पर सिख कौम से एकजुट होकर सुधार की अपील की.

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Edited By : Palak Saxena Updated: Feb 19, 2026 10:47

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह जी द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और अकाली दल के आंतरिक प्रबंधन को लेकर किए गए सनसनीखेज खुलासों पर गंभीर चिंता जताई है.

उन्होंने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह जी जैसी सम्मानित शख्सियत, जो संस्था के आंतरिक कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हैं, उनके द्वारा लगाए गए ये आरोप सिख कौम के लिए बेहद दुखदायी और दिल दहलाने वाले हैं. निज्जर ने कहा कि हालांकि संगत में इन संस्थाओं की गिरावट को लेकर पहले से ही चर्चाएं थीं, लेकिन अब सिखों की सर्वोच्च संस्था के एक जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा इन सच्चाइयों को सार्वजनिक करना मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है.

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विधायक निज्जर ने भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं का जिक्र करते हुए बताया कि गुरु घर की कीमती जमीनों को कौड़ियों के दाम बेचकर अपने चहेतों को नाजायज फायदे पहुंचाए जा रहे हैं.

उन्होंने आगे खुलासा किया कि एसजीपीसी के प्रबंधन के तहत चल रहे ठेकों में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है, जहां पहले अपने खास लोगों को ठेके दिए जाते हैं और फिर वे आगे महंगे दामों पर सब-ठेके देकर गुरु की गोलक की लूट कर रहे हैं. इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह सामने आई है कि गुरु घर के पवित्र लंगर के लिए तैयार की गई रोटियां तक बेची जा रही हैं, जो सिख संगत की निर्मल श्रद्धा और लंगर की मर्यादा के साथ सीधा खिलवाड़ है.

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धार्मिक कार्यों में फैली बुराई के बारे में बोलते हुए डॉ. निज्जर ने कहा कि श्री दरबार साहिब में पाठ करवाने के नाम पर श्रद्धालुओं से 5-5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इतना ही नहीं, कर्मचारियों के तबादलों (ट्रांसफर) में भी बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हो रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सिंह साहिब ज्ञानी सुलतान सिंह जी को भी एक कर्मचारी ने अमृतसर वापस आने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की बात कही थी, जो यह साबित करता है कि संस्था में ईमानदारी की जगह सिर्फ पैसे और राजनीतिक दबाव ने ले ली है.

सबसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करते हुए विधायक निज्जर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गायब हुए पावन स्वरूपों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि महाराज जी के 328 पावन स्वरूप, हस्तलिखित स्वरूप और श्री ननकाना साहिब जी के मोर्चे से संबंधित ऐतिहासिक स्वरूप आज संगत की नजर से ओझल हैं. उन्होंने सवाल किया कि यह अनमोल विरासत कहां गई और इसे किसकी शह पर गायब किया गया?

उन्होंने संपूर्ण सिख कौम से जोरदार अपील की कि वे एकजुट होकर एसजीपीसी और अकाली दल को एक परिवार के कब्जे से मुक्त करवाएं और इन संस्थाओं में बड़े सुधार लाएं, ताकि सिख कौम की शान और मर्यादा को बहाल किया जा सके.ज्ञानी रघबीर सिंह के खुलासे दिल दहलाने वाले: इंदरबीर सिंह निज्जर

First published on: Feb 19, 2026 10:47 AM

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