उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों को ‘योगी की पाती’ नाम की चिट्ठी लिखकर सड़क हादसे रोकने के लिए सबको मिलकर जागरूक होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जिससे परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ जाती हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और असुरक्षित ड्राइविंग हादसों के सबसे बड़े कारण हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वाहन चलाते समय किसी को भी मोबाइल फोन का उपयोग करना जानलेवा साबित हो सकता है, जबकि तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने से और नशा के साथ गाड़ी चलाने से सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतों की वजह बनते हैं.
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को ट्रैफिक अनुशासन और सड़क व्यवहार के बारें में सकारात्मक बदलाव लाना है. उन्होंने कहा कि सरकार का अंतिम लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करने से लाकर शून्य करना है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 20 सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले संवेदनशील जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जबकि पूरे प्रदेश में 3000 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं. इन स्थानों पर सड़को में सुधार और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
सीएम योगी ने इस अभियान के चार मुख्य आधारों- शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपातकालीन देखभाल को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस ट्रैफिक नियमों के सख्ती से पालन को पक्का करेगी, लेकिन इस अभियान में सफलता तभी मिलेगी जब जनता भी सहयोग करेगी.
सीएम योगी ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना कोई दिखावा नहीं है, बल्कि जीवन की करने के रक्षा का कवच हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि हर नागरिक के जागरूक होने से ही सड़क हादसों को रोका जा सकता है और राज्य को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है.
मुख्यमंत्री योगी की यह चिट्ठी न केवल चेतावनी, बल्कि जागरूकता का संदेश भी है, जो सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता और लोगों की भूमिका को स्पष्ट करती है.










