ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है- मुख्यमंत्री विष्णु साय
CM विष्णु देव साय ने रायपुर में इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मंडी शुल्क छूट बढ़ाई, एपीडा कार्यालय शुरू किया और चावल निर्यात को बढ़ावा दिया.
Edited By Priya Sharma

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है. मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है. इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है. साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है.
छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी. उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है. चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं. सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है. छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे. पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी.
छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है. सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है. पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की.

मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन
इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे.
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