मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार ने ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए स्कूलों पर केंद्रित एक खास प्लान बनाया है. इस प्लान के तहत बच्चों को जागरूक किया जाएगा और स्कूल व टीचर नशे के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहेंगे. यह कदम राज्य सरकार की ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम का हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं को नशे से बचाना है.
सरकार के इस प्लान में हर दिन स्कूल की शुरुआत में लगभग 30 मिनट मेडिटेशन कराया जाएगा. इससे बच्चों का मन शांत रहेगा, सोच सकारात्मक होगी और वे अच्छे-बुरे में फर्क समझ पाएंगे. ध्यान करने से उनकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी और वे नशे जैसे बुरे प्रभावों से दूर रह सकेंगे.
सरकार टीचरों को भी ट्रेनिंग देगी ताकि वे जल्दी पहचान सकें कि कौन-सा बच्चा गलत रास्ते पर जा रहा है. टीचर समझदारी से बच्चे की मदद करेंगे और उसे नशे से दूर रखेंगे. इस योजना का मकसद बच्चों को सही दिशा में ले जाना है, ताकि वे नशे से बचें और अपना भविष्य बेहतर बनाएं. स्कूलों में ऐसा माहौल बनाया जाएगा जहां ड्रग्स का कोई जगह न हो.
‘युद्ध नशे विरुद्ध’ कैंपेन के फेज 2 पर कमेंट करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या को खत्म करने का सबसे असरदार तरीका है कि युवाओं को सही जानकारी दी जाए. उन्होंने बताया कि टीचर और स्कूल इस काम में बहुत महत्वपूर्ण हैं. इसलिए टीचरों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बच्चों में शुरुआत से ही नशे के संकेत पहचान सकें, सही समय पर कदम उठाएं और बच्चों को जागरूक करें. यही कदम पंजाब से नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने में सबसे बड़ी मदद करेगा.










