अंततः जिस क्षण का लोग आतुरतापूर्वक इंतजार कर रहे थे, उस घड़ी पर आधिकारिक मुहर लग गई है. जी हां, अहमदाबाद अब वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली’ की आज यानी बुधवार को हुई बैठक के अंत में इसकी घोषणा की गई. यह क्षण पूरे देश और गुजरात के लिए गौरव का क्षण है.
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खेल की संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहन देने और उनकी दूरदर्शिता, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के अथक प्रयासों के चलते भारत खेलकूद के क्षेत्र में लगातार कदम बढ़ा रहा है. नतीजतन, आज कॉमनवेल्थ खेलों के शताब्दी संस्करण के अंतर्गत अहमदाबाद को 24वें कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है.
इस समय जब 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी समारोह मनाने की तैयारी चल रही है, यह निर्णय भारत और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मूवमेंट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित होगा. यह निर्णय कॉमनवेल्थ राष्ट्रों की खेल के प्रति श्रेष्ठता, एकता और संयुक्त प्रगति के 100 वर्षों के जश्न का एक शानदार प्रतीक बनेगा.
उल्लेखनीय है कि भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ जैसे कार्यक्रम के जरिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज करने और उन प्रतिभाओं को निखारने में जुटे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर मार्गदर्शन के कारण देश को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है. इस क्षण का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसका श्रेय मोदी जी के सतत प्रयासों को जाता है. खेलों से जुड़ी मजबूत बुनियादी सुविधाओं और खिलाड़ियों को तैयार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के समकक्ष खड़ा करने के कारण ही भारत और विशेषकर अहमदाबाद को यह सम्मान प्राप्त हुआ है.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा “अहमदाबाद, गुजरात और भारत के लिए यह अप्रतिम गौरव का क्षण है.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात अब देश देश की खेल राजधानी के रूप में उभरेगा. इतना ही नहीं, विकसित गुजरात से विकसित भारत की संकल्पना को और भी मजबूत करेगा.
इस अवसर पर केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा “अहमदाबाद में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 भारत की विकास यात्रा तथा खेल को राष्ट्रीय विकास के एक उपकरण के रूप में अपनाने की प्रतिबद्धता का उत्सव बनेगा.” यह मील का पत्थर ‘विकसित भारत@2047’ के हमारे विजन को मजबूती देगा, साथ ही यह प्रभावशाली, समावेशी और टिकाऊ खेल कार्यक्रमों का आयोजन करने में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेगा.
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने उत्साहपूर्वक कहा “यह पल गुजरात और भारत के लिए अत्यंत गौरवशाली पल है. कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी संस्करण का आयोजन करना हमारे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है. हम अहमदाबाद और भारत की प्रगति, समावेशी विचारधारा और आतिथ्य की झलक दर्शाने वाले इस जश्न के साथ दुनिया का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. ये खेल हमारी ढांचागत सुविधाओं और प्रतिभाओं को ही प्रदर्शित नहीं करेंगे, बल्कि एकता, टिकाऊ विकास और श्रेष्ठता जैसे हमारे मूल्यों का भी प्रतिबिंब होंगे.”
इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा ने कहा “कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने हम पर जो विश्वासा दिखाया है, उससे हम काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. वर्ष-2030 के खेल केवल कॉमनवेल्थ आंदोलन के सौ वर्षों का जश्न ही नहीं, बल्कि आने वाली शताब्दी की नींव भी रखेंगे. ये खेल कॉमनवेल्थ देशों के सभी खिलाड़ियों, समुदायों और संस्कृतियों को मित्रता और प्रगति की भावना के साथ एकसूत्र में बांधेंगे.”
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा “वर्ष-2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान के रूप में अहमदाबाद शहर का आधिकारिक रूप से चयन भारत के कॉमनवेल्थ आंदोलन के लिए एक निर्णायक क्षण है. दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में भारत इस सौ वर्ष पुराने खेल आयोजन में विशालता-भव्यता, युवापन, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति और अच्छी खेल भावना एवं खेल प्रेम लेकर आएगा. इस खेल आयोजन के लिए भारत का प्रस्ताव समावेशी और भविष्योन्मुखी कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के हमारे विजन के साथ पूरी तरह से मेल खाता है.”
आज की यह घोषणा पूरे भारत के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है, जो देश में बढ़ते विश्व स्तरीय खेल ढांचे और इस प्रकार के स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन करने की राष्ट्र की क्षमता को दिखाती है. ‘न्यू एज गेम्स फॉर ए न्यू सेंचुरी’ की थीम पर आधारित भारत की बोली (बीड) में सर्वसमावेशिता और मजबूती की अवधारणा निहित थी, जिसने कॉमनवेल्थ जनरल असेंबली को प्रभावित किया. यह थीम कॉमनवेल्थ स्पोर्ट गेम्स के निर्धारित सिद्धांतों- किफायती, सुगम, सर्वसमावेशिता और दीर्घकालीन विरासत के बिल्कुल अनुरूप थी.
अहमदाबाद का गेम्स प्लान संक्षिप्त, आधुनिक और खिलाड़ी-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है. एशिया के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट विकास परियोजनाओं में से एक – सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव – गेम्स के मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा. कराई स्थित गुजरात पुलिस एकेडमी और नारणपुरा स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे अत्याधुनिक स्पोर्ट्स परिसर इस व्यवस्था में सहायक की भूमिका निभाकर आयोजन को मजबूती प्रदान करेंगे. इन स्पोर्ट्स परिसरों के आसपास एकीकृत परिवहन नेटवर्क, आवास की अत्याधुनिक सुविधाएं और डिजिटल बुनियादी ढांचा वर्ष 2023 से पहले अहमदाबाद की तैयारियों को सिद्ध करते हैं. इस खेल आयोजन के साथ पैरा-स्पोर्ट्स को भी शामिल किया जाएगा और सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा-आधारित स्थानों, कम उत्सर्जन वाले परिवहन संसाधनों और जीरो वेस्ट मैनेजमेंट के जरिए स्थिरता यानी सस्टेनेबिलिटी में नए मानक स्थापित किए जाएंगे.
वर्ष-2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ‘विकसित भारत-2047’ और ‘विकसित गुजरात’ की संकल्पनाओं को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा. इस गेम्स के आयोजन से गुजरात तेजी से देश की ‘खेल राजधानी’ के रूप में रूपांतरित होगा, इससे शहरी विकास और नवाचार को बढ़ावा मिलने के साथ ही राज्य में रोजगार सृजन भी होगा और पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होने से नागरिकों की जीवन शैली में भी आमूल बदलाव आएगा.
इस विजन को मुख्य राष्ट्रीय सुधारों – राष्ट्रीय खेल नीति 2025, राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी (संशोधन) बिल 2025 – से मजबूत आधार मिलता है, जो भारतीय खेल इकोसिस्टम में पारदर्शिता, शासन और खिलाड़ी कल्याण को सामूहिक रूप से मजबूत बनाता है. राष्ट्रीय खेल नीति-2025 तथा राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी (संशोधन) बिल-2025 के अंतर्गत हुए बदलावों ने सामूहिक रूप से इस बोली को मजबूत सहयोग दिया. इस वजह से भारतीय स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में पारदर्शिता, प्रशासन और खिलाड़ियों के कल्याण को मजबूती मिली है.
ये कॉमनवेल्थ गेम्स भारत सरकार, गुजरात सरकार और कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीजीए इंडिया) की ओर से पारस्परिक सहयोग से आयोजित किए जाएंगे. कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की जनरल असेंबली के समक्ष इस प्रस्ताव को अश्विनी कुमार, प्रधान सचिव, खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग, गुजरात सरकार, कुणाल खरेचा, संयुक्त सचिव (खेल), भारत सरकार, बंछानिधि पाणि, मनपा आयुक्त, अहमदाबाद महानगर पालिका, रघु अय्यर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रस्तुत किया था. इन अधिकारियों के समन्वित प्रयासों एवं सभी हितधारकों के साथ मिलकर जनरल असेंबली के समक्ष दी गई आकर्षक प्रस्तुति ने अहमदाबाद को इन खेलों की मेजबानी दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
पारंपरिक विरासत, समावेशिता की भावना और पारस्परिक सहयोग को केंद्र में रखकर अहमदाबाद में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी संस्करण अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट आंदोलन के भविष्य को एक नया आकार देगा.
ऐसे मिली अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी :
कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 की मेजबानी का अधिकार हासिल करने की भारत की यात्रा कॉमनवेल्थ स्पोर्ट (सीएस) के साथ सुव्यवस्थित और सहयोगी प्रक्रिया के जरिए पूरी हुई है. इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 9 जनवरी, 2025 को हुई थी, जब भारत को सीएस की ओर से ‘लेटर ऑफ इन्टेंट’ (एलओएल) का आमंत्रण मिला. इसके बाद, 29 जनवरी, 2025 को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रमुख और सीईओ ने गुजरात का दौरा किया और राज्य के नेतृत्व के साथ बातचीत की और खेलों के लिए प्राथमिक विजन और तैयारियों का अवलोकन किया.
इसके बाद 13 मार्च, 2025 को भारत ने ‘लेटर ऑफ इन्टेंट’ सौंपकर खेलों का आयोजन करने की औपचारिक प्रतिबद्धता दिखाई. इस दिशा में तैयारियां तेज होने पर, 29 अप्रैल, 2025 को भारत और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के बीच पहली बार वर्चुअल किक-ऑफ मीटिंग हुई, जिसमें वर्कस्ट्रीम, दस्तावेजों की आवश्यकता और समयसीमा निर्धारित की गई. मई, 2025 को बोली के टेक्निकल विकास के लिए एक विशेषज्ञ कंसल्टेंसी एजेंसी नियुक्त की गई.
जून, 2025 में भारत का उच्च स्तरीय प्रतिनिदिमंडल लंदन गया और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अधिकारियों से मिलकर प्रस्ताव के टेक्निकल और संचालनात्मक आधार को और मजबूत बनाया. इसके बाद, 3 अगस्त, 2025 को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की टीम ने अहमदाबाद का दौरा किया और स्थानों, बुनियादी सुविधाओं, शासन व्यवस्था और खेलों की तैयारी का मूल्यांकन किया.
23 सितंबर, 2025 को भारत ने अपनी औपचारिक बीड प्रेजेंटेशन दी, जिसमें शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के विजन, क्षमता और तैयारियों को दर्शाया गया . विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 14 अक्टूबर, 2025 को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने भारत की बीड को मजबूती, स्पष्टता और पेशेवर बताते हुए अहमदाबाद की मेजबान शहर के रूप में सिफारिश की.
26 नवंबर, 2025 को इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली ने वर्ष 2030 में शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान शहर के रूप में अहमदाबाद शहर की पुष्टि की. यह क्षण भारत, गुजरात और समग्र कॉमनवेल्थ खेल आंदोलन के लिए ऐतिहासिक क्षण है.
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