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कौन हैं शेख सलाहुद्दीन? जो Uber, Zomato, Swiggy के लाखों गिग वर्कर्स की बने आवाज, देशभर में हुई हड़ताल

नए साल से पहले 31 की शाम को गिग वर्कर हड़ताल पर चले गए, इससे लोगों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देशभर में हुई इस हड़ताल के पीछे एक शख्स है शेख सलाहाउद्दीन। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Author Edited By : Raghav Tiwari
| Updated: Jan 1, 2026 14:35
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गत 31 दिसंबर को देशभर में ऑनलाइन डिलेवरी बॉयज ने हड़ताल की थी। कई मांगों को लेकर गिग वर्कर्स ने देश व्यापी हड़ताल की थी। हड़ताल की शुरूआत हैदराबाद से हुई थी। गिग वर्कर्स आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। बता दें कि गिग वर्कर वह लोग होते हैं जो किसी कंपनी या ग्राहक के लिए टेंपरेरी लचीले या प्रोजेक्ट आधारित काम करते हैं। अक्सर डिजिटल प्लेटफार्म जैसे Uber, Zomato, Swiggy के माध्यम से और जिनका कोई स्थाई रोजगार यानी कोई परमानेंट उनका रोजगार अनुबंध नहीं होता है। बल्कि वह एक-एक काम पूरा करके पैसे कमाते हैं। जैसे राइट शेयरिंग हो गया, डिलीवरी हो गई या फ्रीलांसिंग आदि और इन्हें पारंपरिक कर्मचारियों की तरह वेतन भत्ते भी नहीं मिलते हैं। बल्कि काम के हिसाब से इनका भुगतान होता है।

इन लोगों की हड़ताल के पीछे एक चेहरा सबसे आगे नजर आता है, वो है शेख सलाहुद्दीन। शेख खुद पहले ऐप बेस्ड ड्राइवर थे। अब लाखों गिग वर्कर्स की आवाज बन गए। शेख सलाहुद्दीन तेलंगाना किक एंड प्लेटफार्म वर्कर्स यूनियन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। यह एक रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन है, जो भारत के 15 शहरों में फैले हैं। 20 मजदूर संगठन और यूनियन का गठबंधन है और जिसके करीब 35,000 सदस्य भी हैं।

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इतना ही नहीं सलाहुद्दीन इंडियन फेडरेशन ऑफ एप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यानी आईएफएटी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, लेकिन ये पहचान उन्हें किसी दफ्तर में बैठकर नहीं मिली। उन्होंने खुद स्टीयरिंग थामी है। ट्रैफिक झेला है। कमीशन कटते हुए अपनी आंखों से देखा है और बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के काम करने का दर्द महसूस किया है। सलाहाउद्दीन तब राष्ट्रीय चर्चा में आए जब भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई।

उन्होंने गिग वर्कर्स की समस्याओं को सीधे राष्ट्रीय मंच पर रखा। इसके बाद राहुल गांधी खुद गिग वर्कर्स से मिलने पहुंचे। उनका दर्द सुना और उस मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया। माना जाता है कि राजस्थान और कर्नाटक में गीग वर्कर्स के लिए बने कल्याणकारी कानूनों और किए गए वादों के पीछे सलाहाउद्दीन और उनकी टीम का लंबा संघर्ष रहा है।

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पूरी खबर जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो…

First published on: Jan 01, 2026 02:35 PM

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