Om Pratap
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West Bengal Panchayat Election: पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान हुई हिंसा पर बीएसएफ के डीआईजी ने बड़ा बयान दिया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने रविवार को कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर हमारे बार-बार अनुरोध के बावजूद पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने कोई जानकारी नहीं दी।
गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ ने राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर संवेदनशील मतदान केंद्रों के बारे में जानकारी मांगी है, लेकिन 7 जून को छोड़कर कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बीएसएफ की तैनाती स्थानीय प्रशासन के आदेश पर की गई है। उन्होंने कहा, “चुनाव ड्यूटी के लिए 25 राज्यों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राज्य सशस्त्र पुलिस की 59,000 टुकड़ियां पहुंची थीं, लेकिन संवेदनशील मतदान केंद्रों पर उनका पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया।”
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डीआइजी गुलेरिया ने कहा कि राज्य ने केवल 4834 संवेदनशील बूथ घोषित किए हैं, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात हैं, लेकिन वास्तव में, अधिक संवेदनशील मतदान केंद्र थे। बता दें कि शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य भर में हुई हिंसा में कम से कम 13 लोग मारे गए और कई घायल हो गए।
मुर्शिदाबाद, कूच बिहार, मालदा, दक्षिण 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर और नादिया जैसे कई जिलों से बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों को नुकसान पहुंचाने और पीठासीन अधिकारियों पर हमले की खबरें आईं। बीएसएफ ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल राज्य में 3317 ग्राम पंचायतों, 341 पंचायत समितियों और 20 जिला परिषदों के लिए चुनाव कराने के लिए कुल 61,636 मतदान केंद्र स्थापित किए थे।
शाम को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतपेटियों को राज्य भर के 339 स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को दी गई है।
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