Ahmedabad Plane Crash Latest Report: अहमदाबाद प्लेन क्रैश की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की चर्चा पूरे देश में हो रही है। एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर प्लेन 12 जून 2025 को क्रैश हुआ था। हादसा गुजरात के अहमदाबाद में बने सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुआ था। लंदन जा रही फ्लाइट का विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की छत पर गिरकर क्रैश हुआ था। एक महीना चली जांच पड़ताल के बाद AAIB ने 12 जुलाई 2025 को 15 पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट में हादसे का मुख्य कारण फ्यूल स्विच का कट ऑफ होना बताया गया, जिस वजह से ईंधन नहीं मिलने पर दोनों इंजन बंद हो गए और प्लेन नीचे गिर गया, लेकिन रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर फ्यूल स्विच रन मोड से कट ऑफ मोड में कैसे गया? आइए जानते हैं कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की AAIB रिपोर्ट पर किसने क्या कहा?
रिपोर्ट पर पूर्व पायलट ने दी प्रतिक्रिया
AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर भारतीय वायुसेना के पूर्व पायलट कैप्टन शरत पणिक्कर ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ब्यूरो की जिम्मेदारी है, विमान हादसे की जांच करके प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को देना। ब्यूरो ने अहमदाबाद विमान हादसे की रिपोर्ट 30 दिन के अंदर पेश कर है और रिपोर्ट तथ्यात्मक है, लेकिन कुछ पॉइंट अस्पष्ट हैं। इसमें यह मेंशन नहीं है कि कब किस समय क्या हुआ? दोनों इंजन फेल कब हुए। पायलटों के बीच बातचीत कब हुई और मेडे कॉल कब हुआ?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष क्या बोले?
AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष चरणवीर सिंह रंधावा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्लेन को को-पायलट फ्लाई कर रहा था और पायलट मॉनिटरिंग पर था। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि लैंडिंग गियर नहीं लिया गया था और फ्लैप टेकऑफ पॉजिशन में थे। हो सकता है विमान में खराबी हो, जिस वजह से पायलट के लिए फ्यूल स्विच को कट ऑफ करना जरूरी हो गया हो और उसके रन होने से पहले इंजन बंद हो गए हों। उम्मीद है कि आगे की जांच में सभी पॉइंट क्लीयर हो जाएंगे।
रिपोर्ट आधी रात को क्यों जारी की गई?
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की AAIB रिपोर्ट पर एयरलाइन पायलट एसोसिएशन (ALPA) के अध्यक्ष कैप्टन सैम थॉमस ने भी मीडिया को बयान दिया। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि रिपोर्ट आधी रात को जारी की जा रही है। रिपोर्ट पर किसी के सिग्नेचर नहीं हैं, यानी इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। 260 लोगों की जान लेने वाले विमान हादसे की जांच रिपोर्ट प्रकाशित करने का यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीका है। पारदर्शिता रखी जानी चाहिए। जांच एक्सपर्ट, पायलट और इंजीनियर को करनी चाहिए। रिपोर्ट कहती है कि हादसे का कारण पायलट की गलती है। लोग तो यह भी कह रहे हैं कि जानबूझकर प्लेन में तोड़-फोड़ की गई। रिपोर्ट को सच कैसे मानें? बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया AAIB ने दिखाया है।