तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले त्रिची के श्रीरंगम निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी हिंसा की खबर सामने आई है. शुक्रवार तड़के अज्ञात बदमाशों ने अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चुनाव कार्यालय में आग लगा दी. इस घटना में फूस से बना कार्यालय पूरी तरह जलकर खाक हो गया और वहां लगे पार्टी के पोस्टर व डिजिटल बैनर फाड़ दिए गए. पार्टी उम्मीदवार एस. रमेश ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल मतगणना से पहले डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. TVK ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने और मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
Vidhan Sabha Chunav : पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब सबकी नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं. चुनाव खत्म होने के बाद अब राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान ईवीएम (EVM) की सुरक्षा पर है. कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्ट्रांग रूम का जायजा लेने पहुंचीं और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने स्ट्रॉन्ग रूम में रखी मतपेटियों और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताया है. आयोग ने स्पष्ट किया कि मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सीलबंद हैं. विपक्ष ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए निगरानी तेज कर दी है. सभी पार्टियों के नेता अब 4 मई का इंतजार कर रहे हैं, जब जनता का असली फैसला सबके सामने होगा.
बंगाल और असम: क्या खिलेगा कमल?
एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है. कुछ सर्वेक्षणों में बीजेपी को ममता के गढ़ में मामूली बढ़त दिखाई गई है, जिससे बंगाल की सत्ता में बड़े बदलाव की आहट मिल रही है. ममता बनर्जी ने उन एग्जिट पोल को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें बीजेपी को बढ़त दिखाई गई है. वहीं, असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है. अधिकांश पोल यहां बीजेपी की दोबारा वापसी का दावा कर रहे हैं.
दक्षिण के राज्यों में बड़ा उलटफेर
तमिलनाडु में एग्जिट पोल के आंकड़े एम.के. स्टालिन की डीएमके (DMK) के पक्ष में जाते दिख रहे हैं, हालांकि अभिनेता विजय की नई पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) ने भी अपनी धमक दिखाई है. केरल में हर पांच साल में सत्ता बदलने की परंपरा फिर से लौटती दिख रही है. यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) को सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) पर भारी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. पुडुचेरी में भी एनडीए की सरकार बनने की संभावना जताई जा रही है.
पांचों राज्यों में मतगणना से पहले के लाइव अपडेट्स जानने के लिए NEWS 24 से जुड़े रहें
पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले सियासी तापमान उबाल पर है. स्ट्रॉन्ग रूम अब सिर्फ सुरक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सियासी शक, रणनीति और सतर्कता का नया रणक्षेत्र बन चुका है. बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस, दोनों जीत को लेकर आश्वस्त भी हैं और आशंकित भी. हाल ये है कि ईवीएम से ज्यादा निगरानी अब एक-दूसरे पर रखी जा रही है. 2 मई को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक बुलाई गई है. इस हाई-लेवल बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव शामिल होंगे. बैठक का एजेंडा साफ है—काउंटिंग डे पर कोई चूक नहीं, कोई ढील नहीं. बूथ स्तर से लेकर मतगणना केंद्रों तक हर व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा होगी. कौन कहां तैनात रहेगा, किसकी क्या जिम्मेदारी होगी और हर राउंड पर कैसे नजर रखी जाएगी—इस पर अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी. क्योंकि बंगाल में जीत सिर्फ सीटों से नहीं, सतर्कता से भी तय होती है.
कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हुए हंगामे के बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम परिसर की सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील है और बिना पूर्व सूचना या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के वहां कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता. हकीम ने जोर देकर कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों का पहरा इतना सख्त होना चाहिए कि चुनाव आयोग का कोई अधिकारी भी नियमों के विरुद्ध अंदर न जा सके. उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि बिना प्रतिनिधियों के परिसर में हलचल कैसे हुई. टीएमसी नेता का यह बयान चुनाव की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर पार्टी की गहरी चिंता को दर्शाता है.
#watch | Kolkata, West Bengal | On the controversy over strong rooms in Kolkata yesterday and TMC's allegations, TMC leader Firhad Hakim, says, “…Without any information and having representatives of the parties, you cannot enter the premises. The security force is guarding… pic.twitter.com/QVfjggdQhj
— ANI (@ANI) May 1, 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय बलों पर एक बुजुर्ग की मौत का आरोप लगाया था. अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उदयनारायणपुर में सुरक्षाबलों की धक्का-मुक्की से एक मतदाता की जान गई. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि 82 वर्षीय पूर्णचंद्र दोलुई अपने बेटे के साथ वोट डालने आए थे और उनकी मृत्यु के पीछे सुरक्षाबलों की कोई भूमिका नहीं थी. CEO ने इस बयान को 'डर फैलाने की कोशिश' करार दिया है. आयोग के अनुसार, मतदान केंद्र संख्या 245 पर ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जिसका दावा टीएमसी नेता द्वारा किया गया था.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राज्य में सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है. भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ईवीएम सुरक्षा में सेंध के आरोपों को पूरी तरह 'काल्पनिक' करार दिया है. शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी प्रमुख की यह आशंकाएं उनकी 'हार के डर' को दर्शाती हैं. अधिकारी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब भी चुनावी माहौल उनके खिलाफ होता है, वे ईवीएम में हेराफेरी का पुराना कार्ड खेलने लगती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कड़ी है और ममता बनर्जी जनता का भरोसा खोने के बाद अब हार का बहाना ढूंढ रही हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में भारी तनाव देखा गया. गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक वाहन को यह दावा करते हुए बीच सड़क पर रोक दिया कि उसमें संदिग्ध सामान ले जाया जा रहा है. प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के निर्देश पर वाहन में चुनाव को प्रभावित करने वाली सामग्री ले जाई जा रही है. भाजपा समर्थकों ने मांग की कि जब तक गाड़ी की पूरी तलाशी नहीं ली जाती, उसे आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा. इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले कोलकाता में एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी हंगामा हुआ. तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "भाजपा ही चुनाव आयोग है" और अधिकारी उनके इशारों पर काम कर रहे हैं. घोष का दावा है कि गुरुवार को एक सील्ड स्ट्रॉन्ग रूम को अचानक खोला गया और उसके भीतर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं. टीएमसी ने इस घटना पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. कुणाल घोष ने सवाल उठाया कि जब रूम सील था, तो उसके अंदर हलचल कैसे और क्यों हुई? इस घटना ने मतदान के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
चेन्नई में 'मई दिवस' समारोह के दौरान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों को लेकर बड़ा विश्वास जताया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जनता से उन्हें 'अच्छी खबर' मिलने की पूरी उम्मीद है. द्रमुक (DMK) प्रमुख ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए जोर दिया कि उनकी सरकार “सबके लिए सब कुछ” के सिद्धांत पर काम कर रही है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान संपन्न होने के बाद, स्टालिन का यह बयान जीत के प्रति उनकी निश्चिंतता को दर्शाता है. अब सबकी नजरें 4 मई की मतगणना पर टिकी हैं, जहां डीएमके अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. पार्टी प्रमुख विजय ने अपने उम्मीदवारों और नेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे मतगणना के दिन (4 मई) सुबह 6 बजे ही केंद्रों पर पहुंच जाएं. आरके नगर से उम्मीदवार एन मैरी विल्सन के अनुसार, विजय ने निर्देश दिया है कि परिणाम घोषित होने तक कोई भी अपनी जगह से 'एक इंच भी न हिले'. उम्मीदवारों को मतगणना की हर प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने और आगे खड़े रहकर निगरानी करने को कहा गया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में डीएमके (DMK) गठबंधन की जीत की संभावनाओं को एआईएडीएमके (AIADMK) ने सिरे से खारिज कर दिया है. पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) ने गुरुवार को आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी एग्जिट पोल के अनुमानों को गलत साबित करेगी. पलानीस्वामी ने दावा किया कि एआईएडीएमके इस चुनाव में 210 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन एग्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें बीजेपी को बढ़त दिखाई गई है. उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने वाला 'हथकंडा' बताते हुए दावा किया कि टीएमसी राज्य में 226 से अधिक सीटें जीतकर फिर से सत्ता में वापसी करेगी. अब सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर हैं कि आखिर बंगाल की जनता ने किसे अपना सिरमौर चुना है.
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज जारी करते हुए दावा किया है कि बिना किसी पार्टी प्रतिनिधि की मौजूदगी के गुप्त तरीके से मतपेटियों को खोला जा रहा है. घटना को 'लोकतंत्र की हत्या' करार देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और शशि पांजा कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और बीजेपी की मिलीभगत से स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में सेंध लगाई जा रही है.









